रूस ने दिए तीसरे विश्व युद्ध के संकेत, सभी नागिरकों को देश लौटने का दिया आदेश

मॉस्को (12 अक्टूबर): रूस ने अपने सभी ऑफिशियल्स को ऑर्डर जारी करके कहा है कि वे विदेशों में रह रहे अपने करीबियों को तुरंत देश वापस ले आएं। वेस्टर्न मीडिया के मुताबिक, देश के बड़े लीडर्स और हाई रैंकिंग ऑफिशियल्स ने बताया कि ये चेतावनी उन्हें प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन की तरफ से मिली है।

पुतिन ने अपना फ्रांस दौरा अचानक रद्द कर दिया था... - सीरिया में छिड़े संघर्ष को लेकर मास्को की भूमिका की आलोचना होने पर पुतिन ने यह दौरा कैंसल किया। - फ्रांस के प्रेसिडेंट फ्रांस्वा ओलांद ने हाल ही में कहा था कि क्रेमलिन सीरिया में युद्ध अपराधों में लिप्त है। - माना जा रहा है कि इसी बयान के बाद पुतिन ने फ्रांस दौरा रद्द करने का फैसला किया।

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में पुतिन के मिनिस्टर्स ने ऐलान किया था कि उन्होंने मास्को के 12 लाख लोगों को सुरक्षित करने के लिए न्यूक्लियर बंकर बना लिए हैं।

क्या जारी हुआ ऑर्डर? - रिपोर्ट के मुताबिक, एडमिनिस्ट्रेशन स्टाफ, रीजनल एडमिनिस्ट्रेटर्स, लॉ मेकर्स और पब्लिक कॉर्पोरेशंस के इम्प्लाइज को यह ऑर्डर जारी किया गया है कि वे विदेशी स्कूलों में पढ़ रहे अपने बच्चों और वहां रह रहे अपने करीबी लोगों को तुरंत देश वापस ले आएं। - अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो अपने प्रमोशन से हाथ धो बैठेंगे। - रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा आदेश जारी होने के पीछे की असली वजह अभी तक साफ नहीं है। इसकी एक वजह अपने बच्चों को पश्चिम के प्रभाव से बचाना भी हो सकता है। - रशियन पॉलिटिकल एनालिस्ट स्तानिसलव बेलकोवस्की ने कहा है- 'यह बड़े युद्ध के लिए देश के एलीट क्लास को तैयार करने के उपायों का हिस्सा है।'