तीसरे विश्व युद्ध की आहट, रूस ने सीमा पर तैनात किए ‘रोबोट’ टैंक

नई दिल्ली(25 नवंबर): रूस ने पोलैंड से लगे अपने बॉर्डर पर रोबोट टैंक उतार दिए हैं। इससे नाटो देशों में खलबली मच गई है। इसे तीसरे वर्ल्ड वॉर की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। इसके चलते रूस से लगे देशों की सीमा पर भी फौज का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। 

- वहीं, कई यूरोपीय देश अपने यहां अनिवार्य सैन्य सेवा का नियम लागू करने जा रहे हैं। इसमें रूस के पड़ोसी देशों यूक्रेन और लिथुआनिया ने तो अनिवार्य सैन्य भर्ती का कानून भी पास कर दिया है।

- रूस अब लगातार अपनी फौजी ताकत और खतरनाक हथियारों को दुनिया के सामने ला रहा है।

- बाल्टिक सागर में रूस नए सिरे से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। 

- हाल ही में रूस ने क्रूज मिसाइल से लैस अपने दो युद्धपोत बाल्टिक सागर में भेजे हैं। 

- रूस हर तरफ से अपनी सीमाओं को युद्ध के लिए तैयार कर रहा है, जो नाटो देशों के डर का कारण है।

- इसके चलते ब्रिटेन और अमेरिका ने भी रोमानिया और यूक्रेन में अपने लड़ाकू जेट भेजने का प्लान बनाया है।

- युद्ध की आशंका के चलते यूरोपीय देशों फ्रांस, स्वीडन और पोलैंड भी अपने यहां अनिवार्य सैन्य भर्ती पर विचार कर रहे हैं।

रूस को इससे ये होगा फायदा

रूस की अधिकतर सीमाएं बर्फीली हैं। कहीं-कहीं तो टेंपरेचर -30 होना ही आम बात है। इन बॉर्डर पर रोबोट तैनात किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे आर्मी के जवान बॉर्डर से करीब 5 किमी दूर टेंट में रहकर सिर्फ रोबोट को ही ऑपरेट करेंगे। रोबोट में ऐसे सेंसर भी लगाए गए हैं, जो खतरा महसूस होने पर ऑपरेटर को मैसेज भेज देगा। इसके अलावा रोबोट बॉर्डर पर बारूदी सुरंगों का भी पता लगा लेंगे। इससे जंग के समय आर्मी को बॉर्डर पार करने में मदद मिलेगी।

नाटो देशों ने तैयारी शुरू की

रूस के इस कदम से नाटों देश सकते में है और अब वे भी बॉर्डर पर अत्याधुनिक मिसाइलें लगा रहे हैं। रूस से सबसे ज्यादा ज्यादा खतरा यूक्रेन और पोलैंड को है। क्योंकि ये दोनों देश रूस की छोटी-छोटी मिसाइलों की ही हद में आ जाते हैं। वहीं, यूक्रेन की आधी आबादी रूस को ही सपोर्ट करती है। इसी के चलते यहां रूस के सपोर्ट से उग्रवादी जमकर उत्पात मचा रहे हैं। 

तीसरे वर्ल्ड वॉर की हो जाएगी शुरुआत

नाटों देशों को अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों का सपोर्ट है। इसलिए इन देशों में हथियार भेजे जा रहे हैं। वहीं, ब्रिटेन अपनी आर्मी के 10 हजार जवान भी यहां भेजने पर विचार कर रहा है। रूस इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी कर रहा है। साफ है कि अगर जंग हुई तो यह तीसरे वर्ल्ड वॉर की शुरुआत होगी। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि रूस इस बार जमकर एटमिक हथियारों का इस्तेमाल करेगा। क्योंकि रशियन प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन रूस को फिर से सोवियत यूनियन बनाने का सपना देख रहे हैं