NSG सदस्यता के लिए रूस करेगा भारत का समर्थन

नई दिल्ली ( 2 जून ): रूस यूएन सिक्यॉरिटी काउंसिल और एनएसजी ग्रुप की सदस्यता के लिए भारत को सपोर्ट करेगा। रूस ने गुरुवार को एनएसजी ग्रुप की सदस्यता के लिए भारत को सपोर्ट करने की बात दोहराई है। पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की मुलाकात के बाद विजन डॉक्युमेंट जारी करते हुए कहा कि रूस भारत को यूनाइटेड नेशन सिक्यॉरिटी काउंसिल में स्थाई सीट और एनएसजी में सदस्यता के लिए समर्थन करने का भरोसा दिलाता है।

रूस ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इससे भारत को और तरक्की करने में मदद मिलेगी। वहीं भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कश्मीर पर रूस की स्थिति बेहद साफ है। यह भारत की संप्रभुता का मामला है और रूस यह बात अच्छी तरह जानता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति पहले भी कह चुके हैं कि रूस के अन्य देशों के साथ संबंधों का भारत के साथ संबंध पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

भारत और रूस के बीच तमिलनाडु के कुडनकुलम में न्यूक्लियर पावर प्लांट की दो नई यूनिटों के लिए अग्रीमेंट लंबे इंतजार के बाद फाइनल हो गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत के बाद सेंट पीटर्सबर्ग घोषणापत्र जारी किया गया। इसमें बताया गया कि दोनों देशों ने कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट की पांचवीं और छठी यूनिट के जनरल फ्रेमवर्क अग्रीमेंट फाइनल कर दिया है। परमाणु समझौते सहित दोनों देशों के बीच 5 करार हुए हैं जिनमें कल्चरल एक्सचेंज, रेलवे और जूलरी एक्सपोर्ट शामिल है।

कुडनकुलम की पहली और दूसरी यूनिटों में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि तीसरी और चौथी का काम चल रहा है। न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में मेंबरशिप के लिए भारत की अर्जी का रूस ने स्वागत किया है और इसमें साथ देने का फैसला किया है।