भारत को मिला रूस का साथ, अब चीन की बोलती होगी बंद

मास्को (18 अगस्त): डोकलाम के मुद्दे पर भारत को अपने पुराने दोस्त रूस का साथ मिलता दिख रहा है। रूस का कहना है कि भारत और चीन बातचीत के जरिए इस विवाद का सर्वामान्य हल निकाले। रूस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि हमें नई दिल्ली और बीजिंग पर पूरा भरोसा है। दोनों ही दुनिया के जिम्मेदार देश हैं। हम चाहते हैं कि भारत और चीन इस मामले का ऐसा हल निकालें जो दोनों देशों को कबूल हो। 

इतना ही नहीं रूस ने भारत के साथ अक्टूबर में तीनों सेनाओं के होने वाले सैन्याभ्यास के लेकर भी चीन को नसीहत दी। रूस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि भारत की तीनों सेनाओं के साथ होने वाली उसकी मिलिट्री ड्रिल चीन के खिलाफ नहीं है। 

दरअसल, चीन ने कुछ दिनों पहले भारत और रूस के बीच अक्टूबर में होने वाली ज्वॉइंट मिलिट्री ड्रिल को लेकर चिंता जताई थी। वहां के मीडिया में कुछ खबरें इस तरह की आईं थीं, जिनमें कहा गया था कि भारत और रूस के सैन्य रिश्ते इस ड्रिल से नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे, और इससे चीन को खतरा हो सकता है।