पूर्व जासूस को जहर देने में रूस का हाथ- ब्रिटेन

नई दिल्ली (13 मार्च): पिछले दिनों लंदन में पूर्व रूसी जासूस और उनकी बेटी को जहर देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा। ब्रिटेन ने सीधे तौर पर इसके लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे का कहना है कि जिस प्रकार का नर्व एजेंट हमले में इस्तेमाल किया गया था वो सैन्य-ग्रेड का और रूस द्वारा निर्मित था। वहं ब्रिटिश विदेश विभाग ने इस मामले में रूसी राजदूत से सफाई मांगी है। 

साथ ही टेरीजा मे ने कहा कि या तो यह रूसी राष्ट्र द्वारा हमारे देश पर सीधा हमला है या फिर रूसी सरकार नर्व एजेंट पर नियंत्रण खो चुकी है और उसने उसे दूसरे लोगों के हाथों में जाने की अनुमति दी है। टेरीजा मे ने कहा कि ब्रिटेन को अधिक व्यापक उपायों के लिए तैयार रहना चाहिए। 

वहीं रूसी विदेश मंत्रालय ने टेरीज़ा मे के बयान को परीकथा करार दिया है। उधर यूरोपीय संघ और अमरीका ने ब्रिटेन का पक्ष लिया है। अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने हमले की निंदा की है, जबकि यूरोपीय संघ के वाइस प्रेसिडेंट फ़्रांस टिमरमैन्स ने इस मौके पर ब्रिटेन के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है। 

आपको बात दें कि 66 साल के रिटायर्ड सैन्य ख़ुफ़िया अधिकारी स्क्रिपल और उनकी 33 वर्षीय बेटी सेलिस्बरी सिटी सेंटर में एक बेंच पर बेहोशी की हालत में मिले थे। अभी भी उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।