रुपया ढाई साल के निचले स्तर पर, 67.95/$ पर बंद

नई दिल्ली (20 जनवरी) :  डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 29 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपया 30 पैसे कमजोर होकर 67.95 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। शेयर बाज़ार में भारी गिरावट और डॉलर इंडेक्स में तेज़ी के चलते रुपया इतना कमज़ोर हुआ।  

रुपया बुधवार को जिस स्तर पर बंद हुआ वो 4 सितंबर, 2013 के बाद सबसे निचला स्तर है। दूसरी ओर, ग्लोबल मार्केट में गिरावट से सेंसेक्स 418 अंक लुढ़कर 20 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ है। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 418 अंक गिरकर 24,062 के स्तर पर क्लोज हुआ है।

वहीं, एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 126 अंक गिरकर 7309 के स्तर पर बंद हुआ।

किन्हें नुकसान होगा?

विशेषज्ञों की राय में रुपए के गिरने का असर दाल,  खाद्य तेल और इलेक्‍ट्रॉनि‍क प्रोडक्‍ट्स के महंगे होने से होगा। फॉरेन विजिट्स और विदेशों में एजुकेशन महंगी हो जाएगी।

किन्हें फ़ायदा होगा?

वहीं दूसरी ओर, एक्सपोर्टर्स को रुपये के गिरने से फायदा होगा। आईटी, फार्मा, टेक्‍सटाइल, डायमंड, जेम्‍स एवं ज्‍वैलरी सेक्‍टर के एक्सपोर्टर्स को फायदा मिलेगा। चाय, कॉफी, चावल, गेहूं, कपास, चीनी और मसालों के एक्सपोर्ट्स को भी फायदा होगा।

क्यों आ रही है रुपए में गिरावट?

शेयर मार्केट में गिरावट से रुपए पर दबाव बढ़ता जा रहा है। फॉरेन इन्वेस्टमेंट कम होना भी एक वजह है। गोल्ड की खरीददारी बढ़ने से भी रुपया टूटता जा रहा है। अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने से डॉलर में इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ी है।