खुशखबरीः बैंक अब फ्री में करेंगे RTGS और NEFT, रिजर्व बैंक ने दिये सख्त निर्देश

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 जून): रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्‍टम (आरटीजीएस) और नेशनल इलेक्‍ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) सिस्‍टम के जरिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के लिए 1 जुलाई से कोई शुल्‍क नहीं देना होगा। देश में डिजिटल ट्रांजैक्‍शन को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ने आरटीजीएस और एनईएफटी सिस्‍टम पर उसके द्वारा लगाए जाने वाले शुल्‍क को खत्म करने की घोषणा की है। इसके अलावा आरबीआई ने सभी बैंकों से निर्देश इसे 1 जुलाई से अलम में लाने को कहा है।

आरबीआई ने बीते गुरुवार को आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए फंड ट्रांसफर खत्म करने की जानकारी दे दी थी। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक इस साल अप्रैल में एनईएफटी के जरिए 20.34 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए। इस दौरान आरटीजीएस के जरिए 1.14 करोड़ लेन-देन हुए थे। रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (आरटीजीएस) बड़ी राशियों को एक खाते से दूसरे खाते में तत्काल स्थानांतरण करने की सुविधा है। इसी तरह एनईएफटी के जरिये दो लाख रुपये तक की राशि का त्वरित अंतरण किया जा सकता है।

देश का सबसे बड़ा भारतीय स्टेट बैंक एनईएफटी के जरिये धन स्थानांतरण के लिए एक रुपये से पांच रुपये का शुल्क लेता है। वहीं आरटीजीएस के राशि स्थानांतरित करने के लिए  पांच से 50 रुपये का शुल्क लेता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने छह जून को द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा के बाद घोषणा में कहा था कि उसने आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली के जरिये उसके द्वारा सदस्य बैंकों पर लगाए जाने वाले विभिन्न शुल्कों की समीक्षा की है।

डिजिटल तरीके से धन स्थानांतरण को प्रोत्साहन के लिए रिजर्व बैंक ने एक जुलाई, 2019 से उसके द्वारा बैंकों पर लगाए जाने वाले प्रोसेसिंग शुल्क तथा अलग-अलग समय के लिए आरटीजीएस से धन स्थानांतरण शुल्क के साथ एनईएफटी के जरिये लेनदेन पर प्रोसेसिंग शुल्क समाप्त करने की घोषणा की। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली से लेनदेन पर शुल्क समाप्त किए जाने का लाभ अपने ग्राहकों को स्थानांतरित करें।Images Courtesy:Google