पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की घटती जनसंख्या से RSS चिंतित


नई दिल्ली ( 22 मार्च ): उत्तर प्रदेश में भाजपा की ऐतिहासिक जीत से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ गदगद है। अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पश्चिम बंगाल में भगवा राजनीति की जमीन मजबूत करने में लग गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ऐलान किया है कि आने वाले दिनों में वह पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार को मुद्दा बनाते हुए देशभर में जनजागरण करेगा।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पश्चिम बंगाल में 'बढ़ती जिहादी गतिविधियों' और 'घटती हिंदू जनसंख्या' पर चिंता जताई है और लोगों से अपील की है कि वे ममता सरकार की 'सांप्रदायिक राजनीति' के खिलाफ एकजुट हों और जागरूकता का प्रसार करें। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ममता सरकार की इस बात के लिए भी आलोचना की है कि 'मुस्लिम वोट बैंक' की राजनीति के चलते वह राष्ट्र विरोधी तत्वों को प्रोत्साहन दे रही हैं।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस संबंध में प्रस्ताव पास करते हुए चरमपंथी हिंसा की निंदा की गई है। संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बंगाल में हिंदुओं की घटती जनसंख्या देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।


होसबोले ने कहा कि बंटवारे के बाद पूर्वी पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं को जबरन पश्चिम बंगाल में शरण लेने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि इसी कारण 1951 में राज्य में 78.45 फीसद हिंदू थे, जबकि 2011 की जनगणना में जनसंख्या 70.54 प्रतिशत हो गई है।