स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहता है RSS

नई दिल्ली (8 मई): आरएसएस अब मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहता है। संघ के नेता कृष्ण गोपाल ने कहा है कि किताबों का सेलेबस ऐसा हो जिसमें देश के दर्शन की झलक हो।

अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहता है। खासकर स्कूलों में पढ़ाए जाने वाली किताबों से संघ को बड़ी आपत्ति है। संघ का मानना है कि जिन सिलेबस को आधार बनाकर बच्चों को शिक्षा दी जा रही है उसमें देश का दर्शन नहीं झलकता है। संघ के बड़े नेता कृष्ण गोपाल ने कहा है कि हमारे पास संविधान है लेकिन इसपर कभी भी चर्चा नहीं हुई कि राष्ट्र दर्शन क्या होना चाहिए ? हम सभी काम करेंगे लेकिन किसके लिए? देश की नियती क्या होगी? शिक्षा का भी हाल वही है। 

कृष्ण गोपाल ने एक सवाल के जवाब में ये भी कहा है कि इतिहास की गड़बड़ियों को दुरुस्त करने की मुहिम चल रही है इसमें वक्त लग सकता है। संघ की बातों से ये तो साफ है कि इतिहास को बदलने की कवायद चल रही है और इसपर संघ की नजर है। लेकिन केंद्र सरकार के नुमाइंदे संसद में इसबात से इनकार करते रहे हैं। मानव संसाधन मंत्री ने भी शुक्रवार को राज्यसभा में इसपर सरकार की तरफ से सफाई दी है।

संघ की नीयत और सरकार के बयान अलग-अलग जाहिर होते हैं लेकिन सच ये भी है कि बीजेपी वाले राज्यों की शिक्षा व्यवस्था में धीरे-धीरे संघ की पैठ बढ़ती जा रही है और संघ इसको लेकर काफी खुश नजर आ रहा है।