RSS प्रमुख मोहन भागवत की राह पर मनमोहन वैद्य, कहा- खत्म होना चाहिए आरक्षण

नई दिल्ली ( 20 जनवरी ): जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने आरक्षण पर बयान दिया है। अब वह भी मोहन भागवत की राह पर चल पड़े हैं। उन्होंने कहा है कि देश में आरक्षण व्यवस्था को खत्म किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा है, 'आरक्षण के नाम पर सैकड़ों साल तक लोगों को अलग करके रखा गया, जिसे खत्म करने की जिम्मेदारी हमारी है। इन्हें साथ लाने के लिए आरक्षण को खत्म करना होगा। आरक्षण देने से अलगाववाद को बढ़ावा मिलता है। आरक्षण के बजाय अवसर को बढ़ावा देना चाहिए।'

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में मनमोहन वैद्य का दिया ये बयान एक बार फिर से बवाल खड़ा कर सकता है। उन्होंने कहा है, 'आरक्षण का विषय भारत में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिहाज से अलग संदर्भ में आया है। भीम राव अंबेडकर ने भी कहा है कि किसी भी राष्ट्र में ऐसे आरक्षण का प्रावधान हमेशा नहीं रह सकता। इसे जल्द से जल्द से खत्म करके अवसर देना चाहिए। इसके बजाय शिक्षा और समान अवसर का मौका देना चाहिए। इससे समाज में भेद निर्माण हो रहा है।'

संघ की ओर से आरक्षण पर आया ये बयान एक बार फिर से बवाल खड़ा कर सकता है। इसके पहले बिहार चुनाव से ठीक पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ऐसा ही बयान दिया था। बिहार चुनाव से पहले मोहन भागवत ने कहा था कि आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। मोहन भागवत के इस बयान का बिहार चुनावों पर खासा असर पड़ा था। विपक्ष ने इस बयान को ऐसी धार दी थी जिसने बिहार की चुनावी राजनीति की पूरी दिशा बदल दी थी।

अब मनमोहन वैद्य का ये बयान आरक्षण के बवाल को एक बार फिर से खड़ा कर सकता है। यूपी के साथ पांच राज्यों के चुनाव से ठीक पहले संघ विचारक की तरफ से आया इस बयान को विपक्ष अपना हथियार बना सकता है। यूपी चुनाव की सरगर्मी तेजी पर है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि विपक्ष मनमोहन वैद्य के इस बयान को हाथोंहाथ लेगा और उनके बयान को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की जाएगी।