अयोध्या में राम जन्मभूमि पर जल्द हो भव्य मंदिर का निर्माण: आरएसएस

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 29 अक्टूबर ): सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में राम मंदिर के मामले पर सुनवाई जनवरी तक टल गई है इसके बाद हिंदू संगठनों ने मोदी सरकार पर राम मंदिर बनाने के लिए दवाब बढ़ाना शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मचे सियासी बवाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी बड़ा बयान दिया है।बता दें चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी तक के लिए टाल दी है। पीठ के इस फैसले के बाद संघ का भी बयान आया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कहना है कि श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हो और वह भी शीघ्र। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने ये बातें कही हैं।अरुण कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में यह स्वीकार किया था कि उपरोक्त स्थान रामलाल का जन्म स्थान है। तथ्य और प्राप्त साक्ष्यों से भी यह सिद्ध हो चुका है कि मंदिर तोड़कर ही वहां कोई ढांचा बनाने का प्रयास किया गया। पूर्व में वहां मंदिर ही था।

अरुण कुमार ने कहा कि संघ का मत है कि राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर शीघ्र बनना चाहिए और जन्म स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए भूमि मिलनी चाहिए। मंदिर बनने से देश में सद्भावना और एकात्मता का वातावरण निर्माण का होगा।इस दृष्टि से सुप्रीम कोर्ट शीघ्र निर्णय करे और अगर कुछ कठिनाई हो तो सरकार कानून बनाकर मंदिर निर्माण के मार्ग की सभी बाधाओं को दूर कर श्रीराम जन्मभूमि न्यास को भूमि सौंपे। अरुण कुमार ने कहा कि जब से यह आंदोलन प्रारंभ हुआ है पूज्य संतों और धर्म संसद के नेतृत्व में आन्दोलन चल रहा है और उसका हमनें समर्थन किया है, आगे भी वे जो निर्णय करेंगे उसमें हम उनका समर्थन करेंगे।बता दें कि सोमवार को कोर्ट में चीफ रंजन गोगोई जस्टिस की पीठ में दोनों पक्षकारों ने दलील थी कि नंवबर में सुनवाई शुरू हो जाए लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि इस मामले को जनवरी के लिए पहले हफ्ते के लिए टाला जाता है। तभी यह तय होगा कि कौन सी पीठ मामले की सुनवाई करेगी और सुनवाई की तारीख क्या होगी।