राम मंदिर: मुस्लिम संगठनों ने मोहन भागवत के बयान पर जताया कड़ा ऐतराज

नई दिल्ली(25 नवंबर): राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत के राम मंदिर पर दिए बयान पर मुस्लिम संगठनों ने कड़ा ऐतराज जाहिर किया है। साथ ही उनके इस बयान को सुप्रीम कोर्ट को चुनौती करार दिया है।

- ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने बताया कि बोर्ड अदालत पर यकीन रखता है और उसके फैसले के मुताबिक अमल की कोशिश करेगा। भागवत ने यह बयान देकर कानून को अपने हाथ में लिया है। 

- अयोध्या विवाद में मुस्लिम पक्ष की रहनुमाई कर रहे बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड का मानना है कि सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो खुलेआम अदालत की तौहीन करके कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भागवत का एकतरफा तौर पर यह कहना कि विवादित स्थल पर ही मंदिर बनेगा, यह हमें कुबूल नहीं होगा। 

- बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जीलानी ने भी भागवत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दी है, कि वह चाहे जो फैसला दे, मगर मंदिर वहीं बनेगा।

-  जीलानी ने कहा, 'संविधान में सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च अदालत है और उसका आदेश पूरे देश में लागू करना ही होता है। उसने विवादित स्थल पर फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने को कहा है, वह स्थिति कब तक बनी रहेगी यह पता पता नहीं, लेकिन भागवत ने बयान देकर सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दी है।'

- जीलानी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि उन्हें लगता है भागवत ने गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा बयान दिया है।