इंग्लिश हटाओ, भारतीय भाषा लाओ- RSS का सुझाव

नई दिल्ली ( 21 अक्टूबर ) : राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक संगठन ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) को नई शिक्षा नीति के लिए कुछ सिफारिशें भेजी हैं। सिफारिशें भेजने वाले संगठन का नाम शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (SSUN) है। संगठन चाहता है कि जल्द लागू होने वाली नई शिक्षा नीति में उसकी सिफारिशों पर गौर किया जाए। सिफारिशों में कहा गया है कि स्कूल में उच्च शिक्षा तक मातृ भाषा में ही बच्चों को सभी निर्देष दिए जाएं। 

विदेशी भाषाओं को भारतीय भाषाओं की जगह पढ़ने का विकल्प (सभी स्तरों पर) खत्म किया जाए। साथ ही इंग्लिश को किसी भी स्तर पर जरूरी बनाए न रखने को भी कहा गया है। कहा गया है कि यूजीसी से स्कॉलरशिप भी उन्हीं लोगों को मिले जो देश हित में रिसर्च करना चाहते हों। इसके अलावा भारत की संस्कृति, परंपरा, संप्रदायों, विचार, प्रख्यात हस्तियों का अपमान करने वाले पाठ्यक्रम को भी किताबों से हटाने के लिए कहा गया है।

SSUN के कुछ नेता मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर से मिल भी चुके हैं। उन्होंने ही ये सिफारिशें जावडेकर को सौंपी थी। खबरों के मुताबिक, 14 अक्टूबर को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से एक ईमेल SSUN को भेजी गई, जिसमें कहा गया था कि उनकी सिफारिशों को देख लिया गया है और नई शिक्षा नीति को बनाते वक्त उनपर ध्यान दिया जाएगा। 

SSUN के फाउंडर और सचिव अतुल कोठारी का कहना है, वह (जावडेकर) हमारी सिफारिशों पर गौर जरूर करेंगे। उन्होंने कुछ सिफारिशों की तारीफ भी की थी। कोठारी RSS से जुड़े रहे हैं। वह संघ के प्रचारक भी रहे हैं। SSUN के दूसरे फाउंडर दीनानाथ बत्रा है। वह भी संघ के प्रचारक रह चुके हैं।