NCERT की किताबों से उर्दू-फारसी के शब्द हटाना चाहता है संघ से जुड़ा संगठन

नई दिल्ली (24 जुलाई): देश के स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक पढ़ाई जा रही एनसीईआरटी की हिंदी की किताबों से संघ से जुड़ा संगठन उर्दू, फारसी, अंग्रेजी के शब्द हटाना चाहता है। इसी के साथ कई ऐसे लेख और लेखक है, जिसको लेकर आपत्त‍ि दर्ज की गई है।

इसके साथ ही पाश और मिर्जा गालिब की कविताएं, रविंद्रनाथ टैगोर का वैचारिक लेख, मकबूल फिदा हुसैन की आत्मकथा के अंश, मुगल बादशाहरों की रहमदिल का जिक्र, भारतीय जनता पार्टी को एक हिन्दू पार्टी बताना और गुजरात दंगे में करीब दो हजार लोग मारे गए थे जैसे वाक्य हटाने का सुझाव दिया है।

शिक्षा संस्कृति उत्थान ट्रस्ट ने केंद्र को इस बारे में पत्र से सुझाव भेजे हैं। ट्रस्ट के मुखिया संघ विचारक दीनानाथ बत्रा हैं। एनसीईआरटी ने हाल ही में आम जनता से पाठ्य पुस्तकों में बदलाव से जुड़े सुझाव मांगे थे।