प्रणब मुखर्जी की फेक फोटो पर आरएसएस का बयान, 'संघ को बदनाम करने की घटिया चाल'

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 8 जून ): प्रणब की मुखर्जी की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। फोटो में प्रणब मुखर्जी को संघ के अन्य स्वयंसेवकों की तरह अभिवादन करते हुए दिखाया गया है। लेकिन प्रणब मुखर्जी ने ऐसा नहीं किया था। नागपुर में अपने कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करने की आरएसएस ने आलोचना की है। फर्जी तस्वीर को सोशल मीडिया पर जारी करने की निंदा करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि यह जानबूझकर संघ को बदनाम करने की विभाजनकारी राजनीतिक ताकतों की चाल है जिन्होंने डॉ. मुखर्जी को इस समारोह में भाग लेने से रोकने और विरोध करने का काम किया था।आरएसएस के सह सर कार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि कुछ विभाजनकारी राजनीतिक तत्वों ने नागपुर में गुरुवार को आयोजित आरएसएस के एक कार्यक्रम से जुड़ी एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को संघ की प्रार्थना के दौरान प्रार्थना स्थिति में दिखाया गया है।

मनमोहन वैद्य ने कहा कि इन्हीं ताकतों ने प्रणब मुखर्जी को इस समारोह में भाग लेने से रोकने के लिए विरोध भी किया था और अब ये हताश ताकतें संघ को बदनाम करने के लिए इस प्रकार की घटिया चालें चल रही हैं। हम जानबूझकर संघ को बदनाम करने के लिए इन विभाजनकारी ताकतों द्धारा चलाई जा रही ऐसी चालों की निंदा करते हैं।आपको बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के तृतीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत में राष्ट्रीयता एक भाषा और एक धर्म की नहीं है। प्रणब ने कहा कि भारत की ताकत उसकी सहिष्णुता में निहित है और देश में विविधता की पूजा की जाती है। लिहाजा देश में यदि किसी धर्म विशेष, प्रांत विशेष, नफरत और असहिष्णुता के सहारे राष्ट्रवाद को परिभाषित करने की कोशिश की जाएगी तो इससे हमारी राष्ट्रीय छवि धूमिल हो जाएगी।