नोटबंदी: 'डर्टी कैश' के रूप में मिले 4,200 करोड़ रुपये

नई दिल्ली(30 दिसंबर): बैंकों में पुराने नोट जमा करने की आज आखिरी तारीख है। 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान होने के बाद से अब तक 4,200 करोड़ रुपये 'डर्टी कैश' के रूप में पकड़े गए हैं।

- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नोटबंदी के फैसले के बाद काला धन सफेद करने वालों और गैरकानूनी तरीके से पैसे रखने वालों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी थी। ये 4,200 करोड़ रुपये इसी मुहिम का नतीजा हैं।

- 8 नवंबर से अब तक देश भर में लगभग 1,000 सर्वे, सर्च और जब्ती ऑपरेशन हो चुके हैं। आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 22 से 28 के बीच में ऐसे 200 ऑपरेशन हुए हैं।

- किसी भी तरह की बुकिंग, कैश और बाकी संपत्तियों की खोजबीन की गई। इसके अलावा आयकर अधिकारियों ने जगह-जगह पर छापा मार कर भारी मात्रा में कैश, गोल्ड और दूसरी बेशकीमती चीजें जब्त कीं।

- इस दौरान 458 करोड़ रुपये कैश के रूप में जब्त हुए हैं जिनमें से 105 करोड़ रुपये 500 और 2,000 के नए नोटों में मिले हैं।

- साफ है कि लोग ब्लैक मनी को वाइट करने में लगे हुए थे।कैश तो ब्लैकमनी का एक छोटा सा हिस्सा भर है। गोल्ड, लग्जरी गाड़ियों, प्रॉपर्टी और दूसरी बेनामी संपत्तियों के रूप में भारा मात्रा में काला धन छिपा हुआ है जिसकी पहचान की जानी बाकी है। इसका पता लगाने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कई स्तरों पर काम कर रहा है। बैंकों से डेटा इकट्ठा किया जा रहा है और ट्रांजैक्शन्स पर पूरी नजर रखी जा रही है।

- आयकर विभाग इस काम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई की भी पूरी मदद ले रहा है8 नवंबर से लेकर अब तक ऐसे 500 मामले ED और CBI को भेजे जा चुके हैं। बैंकों की 547 शाखाओं पर आयकर विभाग की नजर है।

- सूत्रों के मुताबिक खुद ईडी ने 10 बैंकों की 50 शाखाओं की पड़ताल की है। नोटबंदी के ऐलान के बाद से ही बैंकों में होने जाने वाले ट्रांजैक्शन असामान्य रूप से बढ़ गए थे जिसके बाद ये कार्रवाई की गई