रेल हादसे में शिकार लोग ऐसे ले पाएंगे 10 लाख का बीमा कवर

नई दिल्ली(20 नवंबर): उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास रविवार तड़के इन्दौर-पटना एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम 91 लोगों की मौत हो गयी और करीब 150 लोग घायल हो गए। रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा 92 पैसे में 10 लाख रुपए तक बीमा देने की घोषणा के बाद यह पहला बड़ा ट्रेन हादसा है।

- पिछले रेल बजट में रेल मंत्री ने रेल यात्रा के दौरान मात्र 92 पैसे में 10 लाख रुपए तक का बीमा देने की घोषणा की थी। लेकिन यह बीमा योजना फिलहाल ऑनलाइन टिकट पर ही फिलहाल उपलब्ध है। सरकार इसे आने वाले समय में काउंटर टिकट पर जारी करेगी।

- यदि किसी हादसे में मुसाफिर की मौत हो जाती है या वह स्थायी विकलांग हो जाता है तो उसे बीमा राशि का 100 फीसदी यानी 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।

- स्थायी आंशिक विकलांगता पर बीमा कंपनी घायल को 7.5 लाख रुपये तथा अस्पताल के खर्च के रूप में 2 लाख रुपये तक देगी।

- रेल दुर्घटना में मारे गए मुसाफिर का शव घर तक पहुंचाने के लिए बीमा कंपनी 10,000 रुपये देगी।

- ट्रेन पर आतंकी हमला होने और किसी यात्री के दुर्घटनावश गिरने पर भी बीमा का लाभ मिलेगा।

- इस नए बीमा योजना में सामान्य दुर्घटना, दंगे, लूट और डकैती भी इसके दायरे में आएंगे।

-बीमा कवर सभी वर्गों के लिए एक समान होगा और इसके विकल्प ई-टिकट बुकिंग के समय चेकबॉक्स के माध्यम से उपलब्ध होता है। यदि यात्री बीमा को चुनता है तो टिकट की राशि में प्रीमियम राशि को स्वतः जोड़ दिया जाता है।

-बीमा पॉलिसी की ई-प्रति की रषीद प्राप्त करने के लिए यात्रियों को अपनी ईमेल आईडी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। 

हादसे के बाद बीमा पाने के लिए क्या करें- 

- यात्री के द्वारा बीमा को चुनने के बाद यात्री और बीमा कंपनी के बीच दावा/दायित्व का मामला होगा। हादसे में मौत के मामले में कंपनी के द्वारा बीमा राशि का शत प्रतिशत भुगतान करेगी।

- दावों की सूचना तत्काल देनी होगी और घटना के चार महीने बाद सूचना देने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

- बीमा कंपनी के द्वारा दावे की प्रक्रिया और दस्तावेज प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर ग्राहक या कानूनी वारिस को चेक भेजना आवश्यक है।

- किसी भी दावे को खारिज करने से पहले आईआरसीटीसी के नोडल अधिकारी के साथ मामले पर विचार-विमर्श करना बीमा कंपनी के लिए आवश्यक है।