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आतंकी भी कांपते थे हिमांशु रॉय के नाम से, पाकिस्तान को किया था बेनकाब

महाराष्ट्र के 'सुपर कॉप' पूर्व एटीएस प्रमुख हिमांशु रॉय ने खुदकुशी कर ली है। बेहद सख्त अफसर के तौर पर पहचान रखने वाले रॉय लंबे समय से ब्लड कैंसर से पीड़ित थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को उन्होंने अपने ही सरकारी आवास पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर जान दे दी। रॉय बीमारी की वजह से पिछले 2 साल से ऑफिस नहीं जा रहे थे।

नई दिल्ली (11 मई): महाराष्ट्र के 'सुपर कॉप' पूर्व एटीएस प्रमुख हिमांशु रॉय ने खुदकुशी कर ली है। बेहद सख्त अफसर के तौर पर पहचान रखने वाले रॉय लंबे समय से ब्लड कैंसर से पीड़ित थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को उन्होंने अपने ही सरकारी आवास पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर जान दे दी। रॉय बीमारी की वजह से पिछले 2 साल से ऑफिस नहीं जा रहे थे।

वह 2012-2014 के दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) थे। रॉय ने जब एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड की कमान संभाली तो आतंकी भी उनके नाम से कांपते थे। उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरे रहते हुए मुंबई को कोई हाथ नहीं लगा सकता क्योंकि यह मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा।

पाकिस्तान को बेनकाब करने में भी हिमांशु रॉय और उनकी टीम की अहम भूमिका रही थी। यासीन भटकल के 4000 हजार ईमेल क्रेक करने का श्रेय हिमांशु रॉय और उनकी टीम को जाता है। ये ईमेल पाकिस्तान से यासीन भटकल को भेजे गए थे। आपको बता दें कि यासीन भटकल को साल 2013 में गिरफ्तार किया गया था।

रॉय ने 26/11 आतंकी हमले में शामिल जिंदा पकड़े गए आतंकी आमिर अजमल कसाब का केस भी हैंडल किया था। उन्होंने कसाब से इस मामले में पूरी पूछताछ की थी। कसाब को दोषी पाते हुए फांसी पर लटका दिया गया था।

वह कई अहम मामलों को सुलझाने में शामिल रहे थे, इनमें पत्रकार जे डे, अदाकारा लैला खान और कानून स्नातक पल्लवी पुरकायस्थ की हत्या के मामले शामिल थे।वह 26/11 मुंबई हमलों से पहले रेकी करने में संलिप्त रहे लश्कर ए तैयबा के आतंकी डेविड हेडली से जुड़े सुराग हासिल करने वाली टीम में भी शामिल रहे थे। उन्होंने आईपीएल सट्टेबाजी कांड की जांच का नेतृत्व भी किया था।

 

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