रोमानिया में पहली बार कोई महिला और मुस्लिम बनेगी प्रधानमंत्री

नई दिल्ली ( 25 दिसंबर ): आतंकी घटनाओं की वजह से यूरोप में मुसलमानों को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच ईसाई रूढ़िवादी देश रोमानिया ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया है। आम चुनावों में जीत हासिल करने वाली वामपंथी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (पीएसडी) ने प्रधानमंत्री पद के लिए तरतार मुस्लिम समुदाय की शेविल शायदा को नामित किया है।

52 साल की शायदा के नाम पर राष्ट्रपति क्लाउस योहानिस क्रिसमस के बाद मुहर लगा सकते हैं। इसके बाद उन्हें संसद में विश्वासमत हासिल करना होगा। दोनों बाधाओं को पार करने के बाद वे देश की पहली महिला और मुस्लिम प्रधानमंत्री बन जाएंगी। 11 दिसंबर को हुए चुनाव में पीएसडी और उसके सहयोगी को 46 फीसद वोट मिले थे। 465 सदस्यीय संसद में पीएसडी और सहयोगी के पास 250 सीटें है। ऐसे में शायदा के नाम पर राष्ट्रपति और संसद की मंजूरी महज औपचारिकता मानी जा रही है।

पार्टी नेता लिवियू ड्रेग्ना चुनावी धोखाधड़ी के मामले में प्रतिबंधित होने के कारण प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। इसे देखते हुए शायदा का नाम आगे बढ़ाया गया है। पेशे से अर्थशास्त्री शायदा ने संसदीय चुनाव में भाग नहीं लिया था। 2015 में वे छह महीने के लिए विकास मंत्री रहीं थीं। उस वक्त भी उन्होंने ड्रेग्ना की ही जगह ली थी।

उल्लेखनीय है कि रोमानिया में मुसलमानों की आबादी एक फीसद से भी कम है। मुस्लिम बहुल देशों को छोड़ दें तो यूरोप में सरकार का नेतृत्व करने के लिए किसी मुस्लिम के मनोनयन का यह दुर्लभ मामला है।