छात्र सुसाइड मामला: 10 दलित प्रोफेसर्स ने दिया इस्तीफा

नई दिल्‍ली (21 जनवरी): हैदराबाद में सुसाइड करने वाले छात्र रोहित के समर्थन में यूनिवर्सिटी के 10 दलित प्रोफेसर्स ने प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। एससी/एसटी टीचर्स और अधिकारियों ने एक प्रेस रिलीज जारी करके मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के बयान की भी निंदा की है।

फोरम ने कहा मंत्री का ये कहना गलत है कि जिस कमेटी ने छात्रों को सस्पेंड करने का फैसला किया उसमें एक दलित प्रोफेसर भी शामिल थे। प्रेस रिलीज में कहा गया कि इस मामले को गलत तरफ मोड़कर ईरानी खुद को और बंडारू दत्तात्रेय को रोहित की मौत की जिम्मेदारी लेने से बचाने की कोशिश कर रही हैं। ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि माननीय मंत्री ये कहते हुए देश को गुमराह कर रही हैं कि होस्टल वॉर्डन के पास छात्रों को निकालने का अधिकार है। ईरानी ने कहा था कि रोहित वेमुला के सुसाइड नोट में किसी अधिकारी या सांसद का नाम नहीं था।

प्रेस रिलीज में कहा गया कि माननीय मंत्री के मनगढ़ंत बयानों के जवाब में हम दलित फैकल्टी और अधिकारी अपने पदों से इस्तीफा देंगे। हम रोहित वेमुला की मौत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हैं और अपने छात्रों के सस्पेंशन और उनके खिलाफ पुलिस में दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग करते हैं।

पिछले साल अगस्त में पांच दलित छात्रों (रोहित सहित) को ABVP के कार्यकर्त्ताओं से झड़प के बाद निलंबित कर दिया गया था। यह सब दिल्ली विश्वविद्यालय में 'मुजफ्फरनगर बाकी है' वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग पर ABVP के हमले के बाद शुरू हुआ। दलित छात्रों ने ABVP के इस कदम की निंदा करते हुए इसके विरोध में कैम्पस में प्रदर्शन किया था। इसके बाद इन छात्रों को हॉस्टल से दिसंबर में निकाल दिया गया था।