रोहित वेमुला केस: स्मृति ईरानी के दावे को यूनिवर्सिटी की डॉक्टर ने किया खारिज

नई दिल्ली(26 फरवरी): हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला सुसाइड केस में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के दावे पर विवाद हो गया है।स्मृति ईरानी ने कहा था कि रोहित वेमुला ने जब सुसाइड किया था तो किसी भी डॉक्टर को उसके शरीर के पास जाने नहीं दिया गया और न ही उसे अस्पताल ले जाने दिया गया। उनके इस दावे को हैदराबाद यूनिवर्सिटी के स्वास्थ्य केंद्र की डॉक्टर ने खारिज कर दिया है।

डॉक्टर एम राजश्री उस दिन ड्यूटी पर ही थी जब 17 जनवरी को रोहित वेमुला ने कथित तौर पर अपने होस्टल के रूम में आत्महत्या कर ली थी। डॉक्टर ने गुरुवार को कहा कि उसने ही रोहित की बॉडी का निरीक्षण किया था और उसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें शाम 7.20 पर सूचना मिली थी की किसी छात्र ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। मैं जब रूम में पहुंची तो रोहित का शव चारपाई पर पड़ा था और पुलिस 15 मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंची थी।

बता दें बुधवार को लोकसभा में जवाहार लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) और हैदराबाद यूनिवर्सिटी से जुड़े विवादों पर चर्चा को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा था कि किसी ने भी डॉक्टर को रोहित के शरीर के पास जाने नहीं दिया और न ही उसे अस्पताल ले जाने दिया गया। ईरानी ने कहा कि किसी ने भी डॉक्टर को रोहित के शरीर के पास जाने नहीं दिया। पुलिस ने बताया कि छात्र को फिर से पुन: जीवित करने के लिए किसी ने भी डॉक्टर को उसके पास नहीं जाने दिया, नहीं ही उसे किसी डॉक्टर के पास ले जाया गया। इसके उलट उसके शरीर को राजनैतिक टूल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। अगले दिन सुबह 6.30 बजे तक पुलिस को रोहित के शरीर के पास नहीं जाने दिया गया। यह मैं नहीं, बल्कि तेलंगाना पुलिस कह रही है।

घटनाक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए डॉक्टर जयश्री ने बताया कि 17 जनवरी को शाम 7.20 सूचना मिलते ही वह एनआरएस हॉस्टल पहुंची। जब मैं हॉस्टल पहुंची तो रोहित की बॉडी चारपाई पर पड़ी हुई थी। जीझ मुंह से बाहर निकली हुई थी और साथ ही वह ठंडी और कड़ी हो गई थी। मैंने उसका रक्तचाच और दिल की धड़कनों की भी जांच की। पूरी जांच के बाद मैंने पाया कि वह मर चुका था। इस पूरी प्रक्रिया में 10 से 15 मिनट लगे। मैंने उसे मृत घोषित करने के बाद सुरक्षा अधिकारी को इसके बारे में सूचित कर दिया। मैंरे वहां पहुंचने के 10 से 15 मिनट बाद पुलिस वहां पहुंची।