रोहिंग्या आतंकियों ने की थी हिंदू पुरुषों की हत्या, महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा

नई दिल्ली (2 जून): म्यांमार में लाखों रोहिंग्या मुसलमानों को देश छोड़कर भारत, बांग्लादेश समेत कई पड़ोसी देशों में शरण लेनी पड़ी, लेकिन इन सब के बीच एक रिपोर्ट सामने आई है जो बेहद चौंकाने वाली है। ऐमनेस्टी इंटरनैशनल की रिपोर्ट के मुताबिक इस समुदाय के कुछ आतंकियों ने कुछ समय पहले हिंदुओं का नरसंहार किया था। रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों ने हत्या करने, गांवों में आग लगाने, प्रताड़ित करने के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं का रेप भी किया था।

ऐमनेस्टी इंटरनैशनल की रिपोर्ट के मुताबिक जान बचाकर भागने वाली कई हिंदू महिलाओं ने बताया कि 25 अगस्त 2017 को सुबह के करीब 8 बजे रोहिंग्या आतंकियों के समूह (अराकान रोहिंग्या सॉल्वेशन आर्मी, ARSA) ने अह नॉक खा गांव में हिंदुओं के घरों पर हमला बोल दिया। 

कुछ आतंकी काले ड्रेस में थे और कुछ सामान्य कपड़ा पहने थे। आतंकियों ने उस समय गांव में मौजूद 69 हिंदू पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को उठा लिया। कुछ घंटे बाद उन्होंने ज्यादातर पुरुषों की हत्या कर दी और महिलाओं को अपने साथ लेकर चले गए। 

रिपोर्ट के मुताबिक हिंदुओं को आतंकी गांव से बाहर ले गए और सबसे पहले उनके आईडी कार्ड्स को जला दिया गया, जो उन्होंने पहले ही छीन लिए थे। आतंकियों ने हिंदू पुरुषों को महिलाओं और बच्चों से अलग कर दिया। इसके बाद महिलाओं को लेकर जंगल में चले गए। इस दौरान 53 हिंदुओं की हत्या की गई थी। इनमें 20 पुरुष, 10 महिलाएं और 23 बच्चे थे, जिनमें से 14 बच्चों की उम्र 8 साल से भी कम थी।केवल 16 लोगों (8 महिलाएं और उनके 8 बच्चों) की जान बच सकी क्योंकि ये इस्लाम स्वीकार करने को राजी हो गए थे और उसके बाद इन्हें रोहिंग्या आतंकियों के साथ शादी करना था। 20 साल की फर्मीला ने ऐमनेस्टी को बताया, 'मुस्लिम लोग हाथों में तलवार लेकर आए। तलवारों पर खून लगा हुआ था। उन्होंने हमसे कहा कि हमारे पतियों को उन लोगों ने मार डाला।'