26 साल पहले आडवाणी को गिरफ्तार करने वाले आर.के.सिंह ने ली मंत्रीपद की शपथ

नई दिल्ली(3 सितंबर): पीएम मोदी ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इस बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में 9 नए चेहरों को शामिल किया गया है। 

इन 9 चेहरों में पूर्व गृह सचिव राज कुमार सिंह का नाम भी शामिल है। उन्होंने रविवार को मंत्रीपद की शपथ ली। बिहार के आरा से सांसद आर.के. सिंह यूपीए की सरकार के दौरान गृह सचिव थे। वे पूर्व बिहार काडर की 1975 बैच के पूर्व आईएएस ऑफिसर हैं। 

-आरके सिंह फैमिली वेलफेयर पर बनी संसदीय समिति (हेल्छ एंड फेमिली, पर्सनल, पेंशन और जन शिकायत और कानून और न्याय संबंधी मामलों) के मेंबर भी हैं। इससे पहले वो कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं जिनमें रक्षा उत्पादन सचिव और संयुक्त सचिव के साथ साथ बिहार सरकार में उद्योग, लोक निर्माण और कृषि विभाव शामिल हैं। वह पुलिस आधुनिकीकरण और जेल आधुनिकीकरण जैसे अपने कामों के लिए भी जाने जाते हैं। 

-राज कुमार ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इंगलिश लिटरेचर में पढ़ाई की है इसके साथ ही उन्होंने एलएलबी भी किया है। बाद में वो पढ़ाई के लिए नीदलैंड्स चले गए थे। 

- मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार में बिहार के दो सांसदों को जगह मिली है। 

-  दरअसल प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष शाह का एजेंडा 2019 लोकसभा चुनाव में 350 प्लस का टारगेट है। यह टारगेट पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार को दरकिनार या अनदेखी नहीं की जा सकती।

- 26 साल पहले बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी का रथ जब बिहर पहुंचा था, तो तत्कालीन सीएम लालू प्रसाद यादव ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया। इसके लिए उन्होंने 2 अधिकारियों को चुना। इसमें से एक थे राज कुमार सिंह। 1990 में वे बिहार सरकार में सचिव थे। वे आईपीएस अफसर रामेश्वर एरॉन के साथ 

- राज्य सरकार के चौपर से पटना से समस्तीपुर के लिए रवाना हुए। वह आर.के.सिंह ही थे जिन्होंने सर्किट हाउस का दरवाजा खटखटाया था। इस सर्किट हाउस में आडवाणी रुके थे। उन्होंने आडवाणी को बताया कि उनके पास उनको गिरफ्तार करने का वारंट है।