अपने ही हुए नीतीश के खिलाफ, 'जंगलराज' के लिए ठहराया जिम्मेदार

पटना (15 मई): नीतीश पर बीजेपी का वार अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि नीतीश सरकार के सहयोगी दल के कद्दावर नेता सरकार की और खासकर सुशासन बाबू की सुशासन के नाम पर बखिया उधेड़ने में लग गए हैं। हालात इस कदर बेकाबू है कि बिहार के हर चप्पे से बड़ी वारदात की खबरें आने लगी हैं। 

ऐसे हालात को नजरअंदाज कर नीतीश यूपी में शराब बंद कराने की सियासत कर रहे हैं। इससे खफा अब सत्तादल के नेता भी विपक्ष से दो कदम आगे बढ़कर नीतीश पर प्रहार कर रहे हैं। 

अब बात जंगलराज पार्ट से आगे बढ़ गई है। आरजेडी के सांसद तो इसे महाजंगल राज कह रहे हैं, क्योंकि पिछले एक हफ्ते में बिहार की जो तस्वीर सामने आई है खौफजदा करती है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद सांसद मोहम्मद तस्लीमुद्दीन ने कहा कि बिहार में जंगलराज कायम हो गया है और अब यहां पत्रकार भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन नहीं महा जंगलराज है और जंगलराज के लिए नीतीश कुमार जिम्मेवार है।

तस्लीमुद्दीन ने की मोदी की तारीफ तस्लीमुद्दीन ने कहा कि केंद्र सरकार सबको साथ लेकर चल रही है। देश में अच्छा माहौल है। केंद्र सरकार राज्य के विकास के लिए पैसे दे रही है पर राज्य सरकार उसे धरातल पर उतारने में विफल साबित हो रही है।

आरजेडी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी माना कि बिहार में अपराध बढ़ा है। उन्होंने कहा, 'बिहार की स्टियरिंग नीतीश कुमार के हाथ में है, उन्हें अपराध पर लगाम लगाना चाहिए। राज्य में हत्या और अपराध की अन्य घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।'

बिहार के कानून व्यवस्था को अंगूठा दिखाती ये तीन वारदातें हैं। 7 मई को गया में आदित्य सचदेवा की हत्या हुई। आरोपी के माता पिता सत्ताधारी दलों के नेता हैं। 13 मई को सरेआम सीवान में पत्रकार को गोली मारी गई। 14 मई को बक्सर में जीआरपी जवान का कत्ल कर 2 इनसास राइफलें लूट ली गई।

हफ्ते भर के अंदर हुई इन घटनाओं ने बिहार में नीतीश के सुशासन पर बड़े सवाल खड़े कर दिये हैं। एक सुर में नीतीश के विरोधियों और दोस्तों ने जंगलराज पार्ट टू के आरोप लगाए हैं।

नीतीश की सरकार पर जंगलराज पार्ट 2 का आरोप लगाने वाली कतार में इसबार सिर्फ विपक्ष नहीं है बल्कि सहयोगी दल के बड़े नेता भी उसी कतार में खड़े होकर नीतीश को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नीतीश कुमार को बिहार में बिगड़ते कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए या फिर यूपी में शराब बंद करने की सियासत करनी चाहिए।