बगदादी के सीधे सम्पर्क में था उत्तर प्रदेश से धरा गया संदिग्ध आतंकी रिज़वान

नई दिल्ली (22 जनवरी): उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से गिरफ्तार हुआ संदिग्ध आतंकी रिजवान के आईएसआईएस सरगना अबू बकर अल-बगदादी से सीधे सम्पर्क में था और लखनऊ से गिरफ्तार हुआ अलीम अहमद अखिलेश सरकार से मिले लैपटॉप पर टेररिस्ट वेबसाइट सर्च करता था। जांच एजेंसियों ने रिजवान से पूछताछ के बाद कई खुलासे किये हैं। ऑपरेशन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 20 साल का रिजवान मरने के बाद जन्नतनशीं होना चाहता था। इसके लिए वो सीरिया जाकर आईएसआईएस की तरफ से लड़ना चाहता था।

रिजवान गोवा में वह 30 हजार रुपए किराए का कमरा लेकर रहता था और यहीं से यहीं से आईएसआईएस का रीजनल ऑफिस चला रहा था। रिजवान फेसबुक के जरिए 8 महीने से आईएसआईएस के टच में था। सूत्रों के मुताबिक, रिजवान जगह-जगह घूमकर स्लीपिंग मॉड्यूल भी तैयार कर रहा था। ऐसा बताया जाता है स्लीपर सेल बनाने जिम्मेदारी उसे सीधे बगदादी ने सौंपी थी। वो देश के कई स्थानों पर इंडियन मुजाहिदीन के संग मिलकर धमाके करने की तैयारी कर रहा था।

लखनऊ से गिरफ्तार अलीम के बारे में जानकारी मिली है कि वो अपनी गतिविधियों के लिए साइबर कैफे का इस्तेमाल नहीं करता था। वो सारा काम  लैपटॉप के जरिए करता था। अलीम को पता चल गया था कि उसकी तलाश की जा रही है। इसलिए वह लखनऊ में बहन के यहां रह रहा था। अलीम के माता-पिता ने बताया कि सरकार की ओर से मिले ने लैपटॉप को उसने बेच दिया था।