जब ऋषि कपूर के लिए दाऊद ने की शापिंग की पेशकश

नई दिल्ली (15 जनवरी): अपनी आत्मकथा में ऋषि कपूर ने दाऊद के बारे में कई बड़े खुलासे किये हैं। ऋषि कपूर ने लिखा कि डॉन के घर पर उनकी मुलाकात आखिरी नहीं थी। किस्मत ने एक बार फिर उन्हें दाऊद से मिलवाया, लेकिन इस बार ये मुलाकात ना घर पर हुई ना दुबई के किसी शानदार होटल में। डॉन और हीरो की ये मुलाकात हुई बाज़ार में।

दुबई में चाय पर मुलाकात के बाद ऋषि कपूर एक बार और दाऊद से मिले थे। ऋषि कपूर को जूते खरीदने का बहुत शौक था। उस दिन ऋषि कपूर और नीतू रेड शू कंपनी नाम के एक लेबनीज स्टोर में घूम रहे थे। दाऊद भी वहीं था। उसके हाथ में एक मोबाइल फोन था और वह 8-10 बॉडीगार्ड्स से घिरा हुआ था। इस बार उसने कहा कि आपको जो कुछ चाहिए मैं खरीद कर दूंगा।

इस बार उसने कहा, 'आपको जो कुछ चाहिए, मैं खरीदता हूं,' लेकिन मैंने कहा कि मैं अपनी शॉपिंग खुद करना चाहूंगा। उसने मुझे अपना मोबाइल नंबर दिया, लेकिन मैं उसे फोन नहीं कर सका क्योंकि ये 1989 की बात है और तब भारत में मोबाइल फोन्स नहीं थे। दाऊद ने ऋषि कपूर को अपने अंडरवर्ल्ड के कारोबार के बारे में भी बताया था। हालांकि जल्दी-जल्दी दो बार दाऊद से मुलाकात के बाद ऋषि कपूर भी काफी डर गए थे। इसीलिए उन्होंने उससे आगे मिलने से मना कर दिया।

ऋषि कपूर ने लिखा है, ''मैंने उससे कहा, 'दाऊद, प्लीज मुझे इन सबसे दूर रखो यार। मैं एक ऐक्टर हूं और इन सब में नहीं पड़ना चाहता' उसके बाद मैं दाऊद से कभी नहीं मिला।'' दाऊद ने ऋषि कपूर से देश के नेताओं के बारे में जो कुछ कहा था। उस खुलासे के बाद कई नेताओं की रातों की नींद उड़ सकती है। दुबई में दाऊद ने ऋषि से कहा कि भारत में बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें उसने खरीद रखा है। दाऊद ने कहा कि वो कई नेताओं को भी पैसे देता है और वो उसकी जेब में हैं।

ऋषि कपूर ने बताया कि दाऊद ने उससे कहा कि मैं इसलिए भागा हुआ हूं, क्योंकि भारत में मुझे इंसाफ नहीं मिलेगा। वहां बहुत से लोग मेरे खिलाफ हैं। बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें मैंने खरीद रखा है। मैं कई नेताओं को भी पैसे देता हूं और वे मेरी जेब में हैं।'

ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि 1989 की मुलाकात के बाद वो फिर कभी दाऊद से नहीं मिले, लेकिन दाऊद के परिवार के कुछ सदस्यों से उनकी मुलाकात कई बार हुई। यहां तक कि उनकी हिट फिल्म श्रीमान आशिक के गाने के बोल तक दाऊद के भाई नूरा ने लिखे थे।