रियो ओलंपिक: सचिन पहुंचे गेम्स विलेज, बोले गुड लक इंडिया

नई दिल्ली (6 अगस्त): भारतीय ओलिंपिक दल के सद्भावना दूत सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि शनिवार को जब वह ओलिंपिक खेल गांव पहुंचे तो उन्हें 1998 के कुआलालम्पुर में राष्ट्रमंडल खेलों जैसा ही अहसास हुआ। इस आयोजन में भारतीय क्रिकेट टीम ने भी हिस्सा लिया था।

उन्होंने यह भी कहा कि इन खेलों की भव्यता की तुलना नहीं की जा सकती। लेकिन खेलों के दौरान की उर्जा और जज्बा 1998 की तरह ही है, चैंपियन खिलाड़ियों के आसपास का माहौल भी अलग नहीं है। तेंदुलकर उस भारतीय टीम का हिस्सा थे, जिसने 1998 राष्ट्रमंडल खेलों में शिरकत की थी, एकमात्र इसी राष्ट्रमंडल खेल के कार्यक्रम में क्रिकेट इसका हिस्सा था। तेंदुलकर ने ऐथलीटों से बात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, 'मैं ओलिंपिक खेलों का कोई विशेषज्ञ नहीं हूं और निश्चित रूप से उन्हें सलाह नहीं दूंगा कि उन्हें अपनी स्पर्धायें कैसे जीतनी चाहिए। ये सभी अपने अपने स्तर पर चैंपियन हैं और जानते हैं कि प्रदर्शन करने के लिए क्या करने की जरूरत है। मैं उन्हें सिर्फ यह बताने के लिये वहां था कि पूरा देश शुभकामनाओं के साथ आपके साथ है। मैंने किसी विशेष खिलाड़ी से बात नहीं की क्योंकि वहां काफी खिलाड़ी मौजूद थे। हॉकी खिलाड़ी वहां नहीं थे क्योंकि उनका मैच था।'