रियो में भारतीय हॉकी टीम ने किया निराश

रियो (11 अगस्त): रियो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को नीदरलैंड के हाथों 2-1 से हरा का सामना करना पड़ा। हालांकि भारतीय टीम को मैच के अंतिम 6 सेकंड में 5 पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय खिलाड़ी मौके का फायदा नहीं उठा पाए।

पहले क्वॉर्टर की शुरुआत से ही दोनों टीमें अक्रामक रूप में दिखीं, लेकिन साथ ही उन्होंने रक्षात्मक खेल दिखाया। पहला क्वॉर्टर बिना किसी गोल के 0-0 के स्कोर के साथ समाप्त हो गया। दूसरे क्वॉटर में भी भारत ने शानदार हॉकी का खेल दिखाते हुए नीदरलैंड को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। इसी बीच वी सुनील के पास को गोल में बदलने का एक बाहतरीन मौका निकिन तमैया से छूट गया। भारतीय रक्षापंक्ति के शानदार प्रदर्शन के चलते दूसरे क्वॉर्टर की समाप्ति तक स्कोर 0-0 पर ही रुका रहा।

तीसरे क्वॉर्टर में भारतीय टीम ने पहले ही मिनट में जोरदार हमला किया, लेकिन भारतीय टीम गोल करने में नाकाम रही। इसके बाद नीदरलैंड की टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे गोल में बदलने में डच टीम ने कोई गलती नहीं की। इस पेनल्टी कॉर्नर पर हॉफमैन रॉजियर ने 32वें मिनट में रीबाउंड पर गोल करते हुए नीदरलैंड की टीम को बढ़त दिला दी। तीसरे क्वार्टर के अंतिम 8 मिनट में भारत ने मूव बनाया और पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन भारतीय टीम इस मौके को गोल में नहीं बदल पाई। इसी शॉट पर भारत को दूसरा पेनल्टी कॉर्नर जिसे गोल में बदलने में वीआर रघुनाथ ने कोई गलती नहीं की और मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।

चौथे क्वार्टर के शुरुआत में भारतीय टीम 9 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर आई और तीसरे मिनट में डच टीम को दूसरा पेनल्टी कॉर्नर दे दिया। हालांकि इस बार नीदरलैंड की टीम मौके का फायदा नहीं उठा सकी और बढ़त नहीं ले पाई। इसके बाद नीदरलैंड को लगातार तीन और पेनल्टी कॉर्नर मिले जिसमें अंतिम मौके को नीदरलैंड ने गोल में तब्दील कर दिया।