ऐसे हुई थी सिंधू की ट्रेनिंग, चिल्लाकर लाया एग्रेशन

नई दिल्ली(19 अगस्त): देश के लिए रियो ओलिंपिक में मेडल पक्का कर चुकीं बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू की कामयाबी के पीछे उनके कोच पुलेला गोपीचंद का बड़ा हाथ है। सिंधू 12 साल से गोपीचंद की कोचिंग में खेल रही हैं। शुरू में वे बहुत डिफेंसिव थीं। कोच के कहने के बाद भी वे एग्रेशन नहीं दिखातीं थीं। तब गोपीचंद उन्हें घंटों चिल्लाने के लिए कहते थे।

- इसी तरह कोच ने उनकी फेवरेट चॉकलेट और हैदराबादी बिरयानी खाने पर भी पाबंदी लगा रखी है। 

- हैदराबाद में गोपीचंद की बैडमिंटन एकेडमी में पीवी सिंधू और श्रीकांत जैसे प्लेयर्स लंबे समय से ट्रेनिंग ले रहे हैं। गोपीचंद सबसे ज्यादा ध्यान शटलर्स की फिटनेस पर देते हैं। प्लेयर्स को बाहर से पानी पीने तक की इजाजत नहीं होती है। उन्होंने अपने एकेडेमी में ब्रेड, शुगर को पूरी तरह से बैन कर रखा है। रियो जाने वाले प्लेयर्स के साथ प्रैक्टिस कर सकें इसलिए गोपीचंद भी 8 महीने से कार्बोहाइड्रेट बढ़ाने वाले प्रोडक्ट से दूर हैं।

- इस ओलिंपिक में सिंधू हर प्वाइंट जीतने पर जोर से चिल्ला रही हैं। पहले ऐसा नहीं था। वे शांत रहकर खेलती थीं। कोच पुलेला गोपीचंद ने उनका एग्रेशन बढ़ाने के लिए चिल्लाने की यह अादत डलवाई। गोपीचंद ने एक दिन प्रैक्टिस के दौरान कोर्ट के बीच में खड़ा दिया। चारों ओर 50 से ज्यादा खिलाड़ी और कोच खड़े थे। गोपी ने कहा कि अब जोर से चिल्लाओ। सिंधू तैयार नहीं थीं।

- तब कोच ने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो मैं तुम्हें कभी रैकेट नहीं छूने दूंगा। सिंधू रो पड़ीं। लेकिन फिर वो खुलकर चिल्लाईं। इसके बाद से वे घंटों एकेडमी में खुलकर चिल्लाती थीं। इससे उनके खेल में एग्रेशन आया।