इतिहास रचने से एक कदम दूर सिंधू, नंबर वन कैरिना से 'गोल्डन मैच' आज

नई दिल्ली(19 अगस्त): बैडमिंटन के महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचने वाली पीवी सिंधु शुक्रवार की शाम को गोल्ड मेडल के लिए उतरने वाली हैं। फाइनल में उनका सामना स्पेन की विश्व नंबर एक महिला खिलाड़ी कैरोलिना मारिन से होगा। 

- इससे पहले क्वॉर्टरफाइनल में मुकाबले में सिंधु ने चीन की विश्व की नंबर दो खिलाड़ी वांग यिहान को परास्त कर सेमीफाइनल का रास्ता तय किया था। अब उनके और गोल्ड मेडल के बीच में कैरोलिना मारिन हैं, जिन्हें परास्त कर वह देश के लिए व्यक्तिगत स्पर्धा में दूसरा गोल्ड हासिल कर सकती हैं। उनसे पहले सिर्फ अभिनव बिंद्रा ने ही ओलिंपिक इतिहास में भारत के लिए व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है।

कौन हैं कैरिना मारिन

कैरोलिना मारिन दो बार विश्व चैंपियन रह चुकी हैं। यही नहीं, 2015 के मध्य से ही वह महिला बैडमिंटन में शीर्ष पर काबिज हैं। ऐसे में सिंधु के लिए मारिन को परास्त करना आसान नहीं होगा, लेकिन चीन की वांग यिहान को परास्त कर चुकी सिंधु जिस फॉर्म में हैं, उसमें कुछ भी कठिन नहीं है।

कौन हैं सिंधु

 पहली बार ओलिंपिक खेल रहीं पीवी सिंधु ने बहुत जल्दी अपनी ताकत अहसास कराया है। विश्व की दूसरे नंबर की प्लेयर को परास्त कर सेमीफाइनल में पहुंचने वाली 5 फुट 10 इंच की पीवी सिंधु को गेम के दौरान अपनी लंबाई का खासा फायदा मिलता रहा है। फिलहाल वह महिला बैडमिंटन की रैकिंग में 10वें नंबर पर हैं। 21 वर्षीय सिंधु ने 8 साल की उम्र से ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था।

पहली बार वह तब चर्चा में आई थीं, जब उन्हें 2010 के ऊबर कप में भारतीय दल का हिस्सा बनाया गया। 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के सेमीफाइनल तक का सफर तय कर चुकीं सिंधु ने फाइनल में पहुंचकर उससे बड़ी लकीर खींची है। हालांकि पिछला रिकॉर्ड जरूर सिंधु पर थोड़ा मनोवैज्ञानिक दबाव डालेगा। अब तक दोनों के बीच कुल छह मुकाबले हुए हैं, जिनमें 4 कैरोलिना और दो सिंधु के पक्ष में रहे हैं।