भयंकर तबाही देख चुकी है ये लड़की, अब बनेगी सबसे कम उम्र की ओलंपियन

नई दिल्ली(3 अगस्त): नेपाल की 13 वर्षीय तैराक गौरिका सिंह रियो ओलंपिक में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की एथलीट है। एक भीषण भूकंप से बचने से लेकर ओलंपिक में जगह बनाने की गौरिका सिंह की कहानी हैरान करने वाली है।

आइए जानें इस युवा एथलीट की कहानी...

- पिछले साल नेपाल में आए भीषण भूकंप के समय गौरिका राजधानी काठमांडू स्थित एक बिल्डिंग के पाचंवें फ्लोर पर मौजूद थीं। लेकिन बिल्डिंग नई बनी होने के कारण वह आसपास की बाकी इमारतों की तरह ढहने से बच गई।   - गौरिका सिंह जब दो साल की थीं तभी उनका परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया था। लेकिन पिछले साल अप्रैल में वह नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए नेपाल आई थीं। उसी समय नेपाल में प्रलयकारी भूकंप आया। उस समय नेपाल में गौरिका, उनकी मां और एक बहन मौजूद थीं।

- जब भूकंप आया तो गौरिका एक बिल्डिंग के पांचवें फ्लोर पर थीं। वे लोग बिल्डिंग से भाग तो नहीं पाए लेकिन उनकी किस्मत अच्छी थी कि उनकी बिल्डिंग ढहने से बच गई और उनकी जान बच गई। लेकिन इस तबाही से अपनों को उबारने के लिए उन्होंने चैंपियनशिप में जीती हुई अब तक अपनी पूरी इनामी राशि अपने पिता के दोस्त द्वारा बनी गई संस्था को दान कर दी।

- गौरिका 7 अगस्त को महिलाओं की 100 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में भाग लेने के लिए पूल में उतरेंगी। वह कहती हैं कि मैं ओलंपिक में जाना तो चाहती थी लेकिन मैं इसे लेकर सुनिश्चित नहीं थी क्योंकि मैं बहुत छोटी हूं। जब मुझे एक महीने पहले ओलंपिक में जाने के बारे में पता चला तो मैं अवाक रह गई।

- सात बार की नेशनल चैंपियन गौरिका सिंह के पिता पारस अपनी बेटी की सफलता पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। वह कहते हैं कि वह खास है। यह अविश्वसनीय है कि वह रियो में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की ओलंपियन है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह कैसे सारे दबावों से निपटती है।

- नेपाल में जन्मी और अब इंग्लैंड में रह रही गौरिका, पहले क्रिस्टीन ग्रीन से ट्रेनिंग ले चुकी हैं और अब कोच राहाइस गोर्मली के अंडर में ट्रेनिंग ले रही हैं। वह सात नेशनल रिकॉर्ड तोड़ चुकी हैं।