भारत सरकार किसी को भी डाटा पब्लिस करने की इजाजत नहीं देती- रविशंकर प्रसाद


नई दिल्ली (24 अगस्त): राइट टु प्रिवेसी को मूल अधिकार घोषित करने के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार किसी को भी डाटा पब्लिस करने की इजाजत नहीं देती और अगर कोई डेटा का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। कानून मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पढ़ते हुए कहा कि राइट टु प्रिवेसी मूल अधिकार है लेकिन यह संपूर्ण नहीं है बल्कि इसपर तर्कपूर्ण रोक लगाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि डेटा सुरक्षा को लेकर सरकार ने हाई पावर कमिटी गठित की है जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने भी ध्यान दिया है।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से फैसले से पहले ही निजता को मौलिक अधिकार मान चुकी है और इस सिलसिले में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली संसद में बयान भी दे चुके हैं।

लगे हाथे कानून मंत्री ने कांग्रेस पर भी पटलवार किया। उन्होंने कहा कि हमें सिविल लिबर्टी की दुहाई दी जा रही है वो भी बिना फैसले को पढ़े हुए। रविशंकर ने कहा है कि आज यूपीए बार-बार अपने और हमारे आधार की बात कर रही है। साथ ही उन्होंने पूछा कि निजता के अधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस के पास कोई रिकार्ड है ? उन्होंने कहा कि  UPA सरकार ने बिना किसी कानून के आधार को ले आई थी। हमने आधार को कानूनी जामा पहनाया। फैसले के बाद से ही कांग्रेस हम पर अटैक कर रही है। लेकिन मैं पूछना चाहता हूं निजी स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए कांग्रेस ने क्या किया।