JDU के अल्टीमेटम पर नहीं हिले लालू, कल नीतीश उठा सकते हैं बड़ा कदम

नई दिल्ली (15 जुलाई): बिहार में सियासी संकट जारी है। अब इस बीच सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महागठबंधन वाली सरकार से उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव खुद इस्तीफा देंगे या नीतीश कुमार उन्हें बर्खास्त करेंगे।


शनिवार को भी पर्दे के पीछे तमाम सियासी कोशिशों के बावजूद इस मसले पर कोई हल नहीं हो सका है। खबरों के मुताबिक लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के बीच बातचीत तक बंद हो गई है। इस बीच रविवार को जेडीयू ने एक बार फिर अपने विधायकों की मीटिंग बुलाई है। हालांकि जेडीयू के अनुसार यह मीटिंग पूर्व निर्धारित थी और राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर इसे बुलाई गई है। लेकिन सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में नीतीश कुमार कोई सख्त कदम उठाने से पहले अपने विधायकों से बात कर सकते हैं। 


नीतीश कुमार ने अपने दल के वरिष्ठ नेताओं सहित कांग्रेस लीडरशिप को साफ कह दिया है कि तेजस्वी को जाना ही होगा। शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को एक मंच पर साथ आना था, लेकिन महागठबंधन में पड़ी इस गाठ के बीच तेजस्वी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। यहां पहले तेजस्वी के नेमप्लेट पर पर्दा चढ़ाकर रखा गया था, लेकिन बाद में वह नेमप्लेट ही हटा दिया गया।


वहीं, कांग्रेस अभी भी परदे के पीछे दोनों दलों के बीच सबकुछ ठीक करने की अंतिम कोशिश कर रही है। कांग्रेस के एक सीनियर नेता के अनुसार लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के बीच आमने-सामने बात कराने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि अगर दोनों नेता एक साथ 5 मिनट भी बैठ गए तो मुद्दे का हल निकल जाएगा।


दरअसल दोनों नेताओं के बीच आपस में बातचीत पिछले कुछ दिनों से बंद है। लालू-नीतीश के बीच इस तनातनी से सबसे विकट स्थिति कांग्रेस के लिए है जो तय नहीं कर पा रही है कि वह किस तरह किसके साइड से बात करे।