'कोहली की जीत की भूख आस्ट्रेलिया में जिता सकती है सीरीज': विवियन रिचर्ड्स

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 दिसंबर): महान क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स इस बात को लेकर खुश हैं कि उनके जमाने की तुलना में मौजूदा भारतीय टीम काफी आक्रामक रवैया रखती है और वह टीम में आए इस सकारात्मक बदलाव का श्रेय कप्तान विराट कोहली को देते हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक प्रचार कार्यक्रम से इतर कहा, ‘भारतीय टीम पहले (70, 80 और 90 के दशक में) ऐसी नहीं थी लेकिन टीम में विराट जैसे खिलाड़ी का होना अच्छा है। मुझे यह (आक्रामक रवैया) अच्छा लगता है, और हो भी क्यों ना? अब उन्हें जवाब देना पसंद है। क्रिकेट में यह सब चलता है। मुझे विराट की कप्तानी पसंद है।’

अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ एंटिगा (एयूए) कॉलेज ऑफ मेडिसन के ब्रांड एंबेसडर रिचडर्स ने कहा कि कोहली की नेतृत्व क्षमता और लड़ने की जिद अभी भी भारत को सीरीज में बनाए रखा है। भारत के पास सीरीज जीतने का शानदार मौका है। पर्थ में भारतीय टीम को हार मिली हो, लेकिन वह अभी जीत सकती है। उसके पास विराट जैसा कप्तान है। उनके अंदर जीतने की भूख है और अपने खिलाडि़यों को जीत के लिए प्रेरित करना वह जानते हैं। साथ ही वेस्टइंडीज के इस दिग्गज ने माना कि स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर के बिना भी ऑस्ट्रेलिया अपने घर में एक शानदार टीम है।

रिचडर्स ने कहा कि मैं अभी भी भारत को जीत का प्रबल दावेदार मानता हूं, लेकिन किसी को भी यह नहीं भूलना चाहिए की ऑस्ट्रेलिया स्मिथ और वार्नर के अलावा भी शानदार टीम है। प्रतिभा में जो उनके पास नहीं है उसकी पूर्ति वह अपने नजरिए से कर रहे हैं।

कोहली की हमेशा प्रशंसा करने वाले रिचडर्स ने कहा है कि भारतीय कप्तान को सर्वकालिक महान खिलाडि़यों में अभी खड़ा करना जल्दबाजी होगी। इसके लिए अभी उनके करियर को खत्म होने का इंतजार करना होगा। रिचडर्स ने कहा कि मौजूदा दौर के खिलाडि़यों में वह मेरे पसंदीदा हैं। मेरे कई पैमाने हैं। मुझे लगता है कि हमें उनके करियर के खत्म होने का इंतजार करना चाहिए। अभी हम इस बात की चर्चा करेंगे तो यह जल्दबाजी होगी, लेकिन निश्चित ही वह शानदार स्थिति में हैं। सुनील गावस्कर को भारतीय बल्लेबाजी का भीष्म पितामाह बताते हुए रिचडर्स ने कहा कि भारत भाग्यशाली रहा है कि उसने अलग-अलग पीढ़ी में कई शानदार बल्लेबाज निकाले। भारत के पास शानदार बल्लेबाज रहे हैं, लेकिन जिसे रोल मॉडल कहा जाए वह सुनील गावस्कर हैं जो भारतीय बल्लेबाजी का भीष्म पितामाह हैं। इसके बाद सचिन तेंदुलकर आते हैं और उनके बाद विराट कोहली हैं। भारत इन लोगों के साथ काफी खुश होगा।

पर्थ टेस्ट में भारतीय कप्तान विराट और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन के बीच हुई बहस के बारे में रिचडर्स ने कहा कि भारतीय कप्तान ने सीमा नहीं लांघी। वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि उन्होंने सीमा लांघी है। मुझे लगता है कि बीसीसीआइ ने भी यही कहा है और मैं उनकी बात को ही दोहरा रहा हूं। रिचडर्स से जब सबसे मुश्किल गेंदबाज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भगवत चंद्रशेखर और डेनिस लिली इस सूची में पहले आते हैं। इनके अलावा भी काफी अच्छे गेंदबाज थे।