नोटबंदी को लेकर रिव्यू मीटिंग ले सकते हैं पीएम मोदी

नई दिल्ली(6 दिसंबर): केंद्र सरकार नोटबंदी का असर जानने के लिए एक बड़ी मीटिंग बुला सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस मीटिंग में सभी मंत्री और सीनियर सेक्रटरी भी शामिल हो सकते हैं। 

- रिपोर्ट के मुताबिक पीएमओ की ओर से सभी मंत्रियों को अपने-अपने स्तर पर फीडबैक के साथ तैयार रहने को कहा है।

- हालांकि, अभी मीटिंग की तारीख तय नहीं गई है।  

- इस मीटिंग में नोटबंदी के बाद आगे और किस तरह के कदम उठाए जाएंगे, इसकी समीक्षा हो सकती है। 

- नोटबंदी के बाद स्थिति को सामान्य करने में परेशानी को लेकर जिम्मेदारी तय होगी और उसी अनुरूप सख्त संदेश दिया जा सकता है। 

- दरअसल पीएम मोदी ने आम लोगों से 50 दिनों तक ही दिक्कत होने का भरोसा दिलाया है। इस मीटिंग का उद्देश्य इस बात की भी समीक्षा करना है कि क्या बाकी बचे दिनों में हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे या नहीं। साथ ही, नोटबंदी के बाद ग्रोथ पर होने वाले संभावित तत्काल असर पर भी चर्चा होगी।

- नोटबंदी का ऑन स्पॉट प्रभाव जानने के लिए केंद्र सरकार अधिकारियों के दूसरे दल को सभी राज्यों में भेज सकती है। इससे पहले, नोटबंदी की घोषणा के बाद दो हफ्ते के बाद सरकार ने 1,000 और 500 के नोटबंदी के फैसले के बाद ऑन स्पॉट स्थिति का जायजा लेने के लिए 27 टीमें बनाई थीं। 

- इस टीम ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें कहा गया था कि राज्यों के ग्रामीण इलाकों में लोगों को परेशानी आ रही है। खासकर किसानों को हो रही दिक्कतों पर अधिकारियों ने चिंता जताते हुए उन्हें ठीक करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा था। इसके बाद सरकार ने एक के बाद एक कई कदम उठाए थे।