महंगाई दर 5 फीसदी रहने का अनुमान

मुंबई (7 दिसंबर): नोटबंदी के बाद से अबतक सरकार के खजाने में 11.55 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हो चुके हैं। नोटबंदी को तकरीबन एक महीना होने को है, लेकिन अब भी देशभर में कैश की भारी किल्लत है। आम जनता पैसे-पैसे के लिए मोहताज है। नोटबंदी से उद्योग धंधों, मुजदूर, किसान सभी लोगों का हाल बेहाल है। वहीं RBI ने अनुमान लगाया है कि चालू वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में खुदरा महंगाई दर 5 फीसदी रहेगी।

ओपोके देशों ने कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती का फैसला किया है। लिहाजा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ेगें। इसका असर भारत पर भी होगा। यहां भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ेगे। लिहाजा इसका असर भी बाजार और महंगाई पर पड़ेगा।