आम आदमी को नहीं राहत, जुलाई में खुदरा महंगाई दर हुई 2.36 प्रतिशत

नई दिल्ली (14 अगस्त ): जीएसटी लागू होने के पहले महीने में महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को राहत मिलती नहीं दिखी है। थोक महंगाई के बाद इस महीने खुदरा महंगाई में भी इजाफा देखने को मिला है। जुलाई में रिेटेल महंगाई दर जून के मुकाबले 1.54 फीसद से बढ़कर 2.36 फीसद रही है। जुलाई में रिटेल मंहगाई दर के 2 फीसदी रहने का अनुमान था।

महीने दर महीने आधार पर जुलाई में कोर मंहगाई दर 3.8 फीसद से बढ़कर 3.9 फीसद हो गई है। जून रिटेल मंहगाई 1.54 फीसद से संशोधित होकर 1.46 फीसद रही है। महीने दर महीने आधार पर जुलाई में खाद्य महंगाई दर -2.12 फीसदी से बढ़कर -0.29 फीसद रही है। इसके अलावा महीने दर महीने आधार पर जुलाई में शहरी इलाकों की महंगाई दर 1.41 फीसद से बढ़कर 2.17 फीसद रही है। साथ ही महीने दर महीने आधार पर जुलाई में ग्रामीण इलाकों की महंगाई दर 1.59 फीसद से बढ़कर 2.41 फीसद रही है।

साल 2017 के जुलाई महीने में थोक महंगाई दर में इजाफा हुआ है। जुलाई महीने में थोक महंगाई दर बढ़कर 1.88 फीसद हो गई है, जो कि जून महीने में 0.90 फीसद रही थी। यह बीते 5 महीनों का उच्चतम स्तर है। वहीं मई थोक महंगाई 2.17 फीसद से संशोधित होकर 2.26 फीसद हो गई है। जबकि जुलाई डब्ल्यूपीआई कोर महंगाई दर 2 फीसद से बढ़कर 2.1 फीसद रही है।

आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में सब्जियां सबसे ज्यादा महंगी हुई हैं, जिन्होंने आम आदमी को खूब परेशान किया है। इस महीने फूड इन्फ्लेशन यानी खाने-पीने की चीजों से जुड़ी की महंगाई दर बढ़कर 2.15 फीसद हो गई, जोकि जून में शून्य से नीचे 3.47 फीसद रही थी। आपको बता दें कि WPI में फूड इन्फ्लेशन की हिस्सेदारी 15.26 फीसद की है। वहीं सब्जियों की थोक महंगाई 21.95 फीसदी रही, जो जून में -21.16 फीसद रही थी। इसके अलावा फलों की थोक महंगाई भी जून के -0.07 फीसदी से बढ़कर 2.71 फीसदी हो गई।