औद्योगिक कर्मचारियों की खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में हुई 3.24 प्रतिशत

नई दिल्ली (02 दिसंबर): खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने से अक्‍टूबर माह में औद्योगिक कर्मचारियों से जुड़ी खुदरा मुद्रास्फीति मामूली रूप से बढ़कर 3.24 प्रतिशत पर पहुंच गई। सूचकांक में शामिल खाद्य पदार्थों की समूह मुद्रास्फीति सितंबर के मुकाबले अक्‍टूबर में बढ़ी है। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा, औद्योगिक कर्मचारियों के उपभोक्‍ता मूल्य सूचकांक में सालाना आधार पर अक्‍टूबर 2017 में 3.24 प्रतिशत वृद्धि रही जो कि इससे पिछले महीने सितंबर में 2.89 प्रतिशत थी। हालांकि, एक साल पहले अक्‍टूबर में यह 3.35 प्रतिशत थी। पिछले साल के मुकाबले मुद्रास्फीति में गिरावट दर्ज की गई। खाद्य मुद्रास्फीति आलोच्य महीने में 2.26 प्रतिशत रही जो पिछले महीने सितंबर में 1.30 प्रतिशत थी। एक साल पहले अक्‍टूबर महीने में यह 2.99 प्रतिशत थी।

मुद्रास्फीति के कुल बदलाव में खाद्य समूह का योगदान 1.94 प्रतिशत अंक रहा। अक्‍टूबर, 2017 के लिए अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू दो अंक बढ़कर 287 अंक रहा। केंद्र के स्तर पर दार्जीलिंग और तिरुचिरापल्ली में सर्वाधिक 10-10 अंक की वृद्धि हुई। उसके बाद क्रमश: मुंगेर-जमालपुर (आठ अंक) तथा पुडुचेरी (सात अंक) रहा। इसके अलावा दो केंद्रों पर 6 अंक, आठ केंद्रों पर 5 अंक, सात केंद्रों पर चार अंक, आठ केंद्रों पर तीन अंक, 19 केंद्रों पर 2 तथा 14 केंद्रों पर एक अंक की बढ़ोतरी हुई। वहीं, दूसरी तरफ मरकारा में सबसे अधिक की चार अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद गोवा और भावनगर (प्रत्‍येक में 3 अंक) की कमी हुई। इनके अलावा एक केंद्र में दो अंकों और छह केंद्रों एक अंक की गिरावट देखी गई। शेष छह केंद्रों के सूचकांक स्थिर बने रहे। वहीं, 33 केंद्रों का सूचकांक अखिल भारतीय सूचकांक से अधिक रहा और 43 केंद्रों के सूचकांक राष्ट्रीय औसत से कम रहे। मदुरई और अमृतसर केंद्रों के सूचकांक अखिल भारतीय सूचकांक के बराबर रहे।