भारत की नेपाल को सलाह- बातचीत से सुलझाएं संविधान का मुद्दा

नई दिल्ली (17 मार्च): नेपाल में मधेसी कहे जाने वाले भारतीय मूल के नागरिकों और सरकार में नए संविधान पर खटास बढ़ने के बीच भारत ने अपनी राय जाहिर की है। उसने कहा है कि नेपाल में राजनेता संविधान के मुद्दों को बातचीत से सुलझाएं, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो। नेपाल से मिली रपटों के मुताबिक, मधेसी दलों ने बुधवार को नेपाल की प्रचंड सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और गुरुवार को वे नए सिरे से आंदोलन पर उतर आए। वे नेपाल के नए संविधान को भेदभावकारी मानते हुए संशोधन की मांग करते रहे हैं।

इस बीच नेपाल के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बिमलेंद्र निधि 13 से 17 मार्च तक भारत के दौरे पर हैं। यात्रा के दौरान उन्होंने गुरुवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। विदेश मंत्री ने दोहराया कि नेपाल में संविधान पर अमल की प्रक्रिया को बातचीत के जरिए आगे ले जाने और समाज के सभी वर्गों के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के वहां के सरकार के प्रयासों को भारत का साथ मिलता रहेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि नेपाल में शांति और स्थिरता हमारे लिए सबसे अहम हित है। हमारा यह विचार रहा है कि नेपाल में राजनेता संविधान के मुद्दों को बातचीत से सुलझाएं जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो।