RBI ने छापे 1000 रुपए के गलत नोट, ऐसे मामला आया सामने

नई दिल्ली(20 जनवरी): केंद्रीय बैंक आरबीआई ने हजार रुपए के नोटों के छापने में गड़बड़ी कर दी है। बैंक ने 30 हजार करोड़ रुपए की वैल्यू के नोट गलत छाप दिए।  राहत की बात ये है कि 20 करोड़ नोट तो रिजर्व बैंक के पास हैं, लेकिन 10 करोड़ बाजार में हैं। ये मामला होशंगाबाद और नासिक में कुछ इम्प्लॉईज के सस्पेंड होने के बाद सामने आया।

आरबीआई के मुताबिक, 1 हजार के 5AG और 3AP सीरीज के नोट सिल्वर सिक्युरिटी थ्रेड के बगैर छप गए। इनका करंसी पेपर पहले होशंगाबाद में सिक्युरिटी प्रिंटिंग और मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से निकला। बाद में नासिक में आरबीआई प्रेस में पहुंचा। अब इन नोटों को वापस जमा कराया जा रहा है।

रिजर्व बैंक के पास अब तक करीब 6 करोड़ नोट ही जमा हो सके हैं।आरबीआई और फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इन नोटों को जलाने का फैसला किया है। नोट छापने का कागज एमपी के होशंगाबाद की सिक्युरिटी पेपर मिल में तैयार किया जाता है। पिछले साल से यहां जर्मन ऑटोमैटिक मशीन पीएम-5 से कागज बनाया जा रहा है। इससे निकले कागज की क्वालिटी इम्पोर्ट किए गए पेपर से बेहतर होती है। इस मशीन के जरिए 1200 इम्प्लॉइज का काम सिर्फ 200 लोगों के जरिए हो रहा है।इस मशीन से निकले कागज में सिक्युरिटी थ्रेड लगाया जाता है। थ्रेड लगाने की दो मशीनें नासिक में भी हैं। शुरुआती गड़बड़ी होशंगाबाद में हुई। इसका पता चलते ही पीएम-5 मशीन को एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया। दो मैनजरों को सस्पेंड कर दिया गया। होशंगाबाद से यह कागज नासिक पहुंचा था। यहां 1000 रुपए के 30 करोड़ नोट छापे गए। होशंगाबाद से यह कागज नासिक पहुंचा था। यहां 1000 रुपए के 30 करोड़ नोट छापे गए। रिजर्व बैंक ने एक तिहाई नोट सर्कुलेशन के लिए निकाल दिए, जबकि दो तिहाई अपने पास रखे।

गलती कहां और कैसे हुई, इसके लिए टीआर गौड़ा की अगुआई में एक जांच कमेटी बनाई गई है।यह कमेटी होशंगाबाद के सिक्युरिटी पेपर मिल और नासिक के करंसी नोट प्रेस में जांच करेगी। इस मामले में सीबीआई, आईबी और सीअारपीएफ की टीमें भी जांच कर रही हैं।