NCBC ने प्राइवेट सेक्टर में 27 फीसदी आरक्षण की मांग की

नई दिल्ली(10 फरवरी): देश में फिर एकबार आरक्षण की आग सुलग रही है। लेकिन इस बार सरकारी नौकरी में नहीं बल्कि प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण की वकालत करते हुए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने एक प्रस्ताव पास किया है। इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से निजी क्षेत्र में पिछड़े वर्ग के लोगों को आरक्षण देने की सिफारिश की गई है। प्रस्ताव की खबर मिलते ही सियासी खेमे में भूचाल आ गया है। 

आयोग ने केंद्र सरकार से एक बिल लाकर प्राइवेट सेक्टर में ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव भेजा है। पिछड़ा आयोग की सिफारिश आरक्षण पर मुहर नहीं है। आयोग ने इस संवेदनशील मामले को केंद्र के पाले में फेक दिया है। अब केंद्र सरकार के ऊपर है कि इस मामले को कितनी गंभीरता लेती है लेकिन केंद्र में बैठे कई नेता और खुद कैबिनेट मंत्री रामविलास पासवान निजी क्षेत्रों में आरक्षण की वकालत करते आए हैं। और इसबार फिर आयोग की सिफारिश को जायज ठहरा रहे हैं। लेकिन बीजेपी के सांसद सुब्रह्मणयम स्वामी इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। 

आधिकारिक स्तर की समिति गठित कर दी गई है। इस संबंध में क्या किया जा सकता है, इस पर समिति उद्योगपतियों और कारपोरेट जगत के प्रमुखों से संपर्क साध रही है। आयोग और सरकार के बीच आरक्षण के प्रस्ताव की खबर ने सियासी हलके में बवाल मचाना शुरु कर दिया है। आऱक्षण की हिमायत में एक जमात उठ खड़ी हुई है, लेकिन कोरपोरेट सेक्टर के नुमाइंदे ने निजी क्षेत्र में आऱक्षण का कड़ा विरोध किया है।