बाबुओं के काम पर मोदी सरकार की नजर, 129 को निकाला

नई दिल्ली (18 जून): केंद्र की मोदी सरकार केंद्रीय केंद्रीय कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड्स रिव्यू करने वाली है। इस लिस्ट में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों समेत 67 हजार से ज्यादा कर्मचारी शामिल होंगे। सर्विस रिकॉर्ड्स को रिव्यू कर सरकार नॉन-परफॉर्म्स का पता लगाएगी। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके पीछे सरकार का उद्देश्य सरकारी सेवाओं की डिलिवरी को बेहतर बनाना और प्रशासनिक स्तर सुधारना है।


कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (DOPT) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस रिव्यू के तहत कोड ऑफ कंडक्ट का पालन न करने वालों को दंड भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'सरकार 67 हजार केंद्रीय कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड्स को रिव्य कर रही है ताकि नॉन-परफॉर्मेंस का पता लगाया जा सके।'


अधिकारी ने बताया कि कुल 67 हजार केंद्रीय कर्मचारियों में 25 हजार ग्रुप ए सर्विसेज के आईएएस, आईपीएम और आईआरएस अधिकारी हैं। मीडिया रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने 129 नॉन परफॉर्मिंग कर्मचारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट पिछले एक साल में दिया है। इसमें कुछ आईएएस और आईपीएस भी शामिल थे। कानून के मुताबिक, एक सरकारी कर्मचारी का प्रदर्शन दो बार रिव्यू होता है। एक बार जब उसे नौकरी के 15 साल हो जाएं और दूसरा 25 साल की सर्विस के बाद।