करवा चौथ में महिलाएं कर रहीं हैं करोड़ों का श्रृंगार

नई दिल्ली(18 अक्टूबर): लखनऊ में करवाचौथ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। डिजाइनर कपड़ों और करवा के साथ ही मेहंदी का बाजार भी खूब फल-फूल रहा है। 

- अनुमान के मुताबिक, इस करवाचौथ पर लखनऊ की महिलाएं अपने श्रृंगार पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च करेंगी। शहर के लगभग एक हजार ब्रैंडेड और नॉन ब्रैंडेड सलून व ब्यूटी पार्लर समेत लोकल मार्केट में मेहंदी लगवाने का काम चरम पर है।

- शहर के व्यापारियों के मुताबिक करवा चौथ के लिए रोजाना करीब मेहंदी का करीब तीन करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। वहीं जो ब्राइडल पैकेज पिछली बार 7,100 रुपये का था वह इस बार 11,000 रुपये का है।

- लखनऊ व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष कैलाश पिपलानी ने बताया कि शहर में एक हजार से अधिक सलून-ब्यूटी पार्लर संचालित चल रहे हैं। जबकि करवाचौथ पर हजरतगंज, अमीनाबाद, गोलमार्केट, आलमबाग, निशातगंज, चौक, गोमतीनगर, राजाजीपुरम, विकास नगर, समेत बड़े बाजारों में एक हजार से ज्यादा मेहंदी लगवाने वालों ने अपने स्टॉल लगा रखे हैं। करवाचौथ के तीन से चार दिन पहले तक ब्रैंडेड सलून में रोजाना करीब एक लाख रुपये का कारोबार हो रहा है, जबकि नॉन ब्रैंडेड सैलून पर औसतन 10 से 50 हजार रुपये का कारोबार हो रहा है। जबकि लोकल स्टॉल पर भी रोजाना औसतन 5 से 10 हजार रुपये का कारोबार हो रहा है।

- इस बार मेहंदी की लगवाई न्यूनतम 100 रुपये चार्ज की जा रही है। जबकि 11,000 हजार रुपये में ब्राइडल पैकेज की मेहंदी लगाई जा रही है। 100 रुपये में नॉर्मल बूटे वाली मेहंदी लगाई जाती है। जबकि 500 रुपये में दोनों भरे हाथों की मेहंदी, 1000 में आगे भरा और पीछे बेल।

- मेहंदी आर्टिस्ट शबीना अंसारी ने बताया कि सामान्य तौर पर महिलाएं 500 से 1000 रुपये तक के पैकेज वाली मेहंदी लगवाती है। लेकिन जिन दुल्हनों का पहला करवाचौथ होता है वह बड़े ब्राइडल पैकेज चुनती है। इसमें 7,100 से 11,000 रुपये के पैकेज में चांद देखती दुल्हन, श्रृंगार करती महिला और दुल्हन को पानी पिलाता दूल्हा जैसे डिजाइन बनाते है। इस बार ये स्टाइल ट्रेंड में है।

- करवा चौथ पर किए जाने वाले सोलह शृंगार में राजकोट की बिछिया और पायल की डिमांड अधिक है। इनका मूल्य 3 हजार से 22 हजार रुपये तक है। चौक सराफा बाजार के प्रवक्ता आदीश जैन के अनुसार डेढं महीने में सोने-चांदी के दामों में आई कमी और आकर्षक डिजाइनों के चलते ग्राहक सराफा बाजार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। एक महीने पहले 32,500 रुपये प्रति दस ग्राम था, जो अब 30 हजार रुपये प्रति दस ग्राम हो गया है।

- दूसरी ओर एक महीने पहले चांदी 45,000 रुपये किलो थी, जो अब 42,000 रुपये किलो तक गिर गई है। ट्रांसगोमती सराफा असोसिएशन के महामंत्री कन्हैया लाल वर्मा ने बताया कि राजकोट के मंगलसूत्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। एक लाख का मयूर मंगलसूत्र लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।

- सराफा बाजार में 2 लाख 54 हजार रुपये का सोने का करवा आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। वहीं, चांदी के करवों की भी बहार आई है। इसकी कीमत 50 हजार रुपये तक है। सर्राफ आदीश जैन ने बताया कि कोलापुर के सबसे भारी करवे हैं। वहीं, बनारस के करवे मीडियम रेंज के हैं। सबसे सस्ती रेंज के लखनऊ मेड करवे भी बाजार में हैं। मल्टीकलर डेकोरेटेड चांदी के करवों की भी खासी डिमांड है। बाजार में 25 रुपये तक के मिट्टी के पीले रंग के करवे भी बिक रहे हैं।