हवाई यात्रियों को सरकार का तोहफा, फ्लाइट लेट पर मिलेगा रिफंड-हर्जाना

नई दिल्ली ( 22 मई ): अब विमाननन कंपनियां मनमानी नहीं पाएंगी। केंद्र सरकार ने विमानन कंपनियों की मनमानी खत्म करने के लिए एविएशन सेक्टर में बड़े रिफॉर्म्स का ऐलान किया है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने मंगलवार को हवाई यात्रियों के लिए कई सौगातों की घोषणा की। सरकार ने पैसेंजर चार्टर का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इन्हें लागू किया जाएगा।ड्राफ्ट के प्रावधानों की जानकारी देते हुए एविएशन मिनिस्टर जयंत सिन्हा ने जानकारी दी कि फ्लाइट बुकिंग के बाद 24 घंटे का लॉक इन ऑप्शन होगा। इसके बाद और फ्लाइट के समय से 96 घंटे पहले तक टिकट कैंसलेशन पर कोई चार्ज नहीं देना होगा। इसके अलावा 24 घंटे के भीतर टिकट में नाम, पता आदि जैसे बदलाव भी मुफ्त में करा सकते हैं। मंत्री ने यह भी साफ किया कि किसी भी हालत में कैंसलेशन चार्ज बेसिक फेयर और फ्यूल चार्जेज के जोड़ से अधिक नहीं हो सकता है।जयंत सिन्हा ने कहा कि यदि एयरलाइन्स कंपनियों की गलती की वजह से फ्लाइट लेट होती है तो उन्हें यात्रियों को इसका हर्जाना देना होगा। यदि फ्लाइट अगले दिन तक के लिए लेट होती है, तो बिना किसी अतिरिक्त चार्ज लिए यात्रियों के होटल में रुकने का प्रबंध करना होगा। कनेक्टिंग फ्लाइट मिस होने पर भी कंपनियों को हर्जाना देगा होगा। फ्लाइट 4 घंटे से अधिक लेट होने की स्थिति में यात्री टिकट कैंसल करा सकते हैं और उन्हें पूरा पैसा रिफंड कर दिया जाएगा।यदि यात्रियों को 2 सप्ताह से कम और यात्रा के 24 घंटे पहले तक फ्लाइट कैंसल होने की सूचना दी जाती है तो एयरलाइन कंपनी को पुराने शेड्यूल के मुताबिक 2 घंटे के भीतर दूसरे फ्लाइट या टिकट रिफंड की सुविधा देनी होगी। यह यात्री के ऊपर निर्भर होगा कि वह क्या चुनता है।यदि एक यात्री तीन घंटे से अधिक देरी की वजह से कनेक्टिंग फ्लाइट मिस करता है तो एयरलाइन कंपनी 5 हजार रुपये हर्जाना देगी। यदि यह देरी 4-12 घंटे होती है तो 10,000 रुपये और 12 घंटे से अधिक की देरी की स्थिति में 20,000 रुपये देना होगा।जयंत सिन्हा ने कहा, 'चार्टर के कानून बन जाने के बाद एयरलाइन्स कंपनियों को इन्हें लागू करना होगा। हमने सभी हितधारकों से बात की है। यात्रियों को कैंसलेशन चार्जेज से राहत की सख्त जरूरत है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'