भारत में 2020 से पहले आएगा 5G नेटवर्क!

नई दिल्ली (1 मार्च): स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस (MWC 2017) में रिलायंस जियो और सैमसंग ने साझा प्रेस इवेंट के दौरान दोनों कंपनियों ने मंगलवार को ‘Infill & Growth Project’ की घोषणा की। रिलायंस जियो ने सैमसंग से 5G कनेक्टिविटी के लिए समझौता किया है। जिस 5G नेटवर्क का भारत में 2020 तक आना तय माना जा रहा था वह इससे पहले ही दस्तक दे सकता है।

इस समझौते का उद्देश्य भारत सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम को सपोर्ट करना और इसके अंतर्गत पूरे देश में LTE मोबाइल कम्युनिकेशन सर्विस को बढ़ावा देना और मौजूद नेटवर्क क्षमता का विस्तार करना है।

सैमसंग और जियो, दोनों ने संकेत दिए हैं कि वे 5G के लिए अभी ही तैयार हैं, लेकिन 5G का आगमन 4G को रिप्लेस करने वाला नहीं बल्कि एक अलग तरह का ढांचा बनाने का होगा। सैमसंग के अधिकारियों ने संकेत दिया कि 5जी एक बेहद ताकतवर वाईफाई की तरह होगा, जो कुछ किलोमीटर के दायरे में अभी के मुकाबले लाखों गुणा ज्यादा स्पीड से डेटा ट्रांसफर करेगा। इससे अलग तरह के ऐप्लिकेशन, मशीनों और गैजट्स के बीच काफी तेज कनेक्टिविटी देखी जा सकेगी।

गौरतलब है कि आपके घर के गैजट्स आपस में बात कर एक-दूसरे को जरूरत के हिसाब से कंट्रोल कर सकेंगे, केबल टीवी के लिए तार की जरूरत नहीं होगी, वायरलेस के जरिए कॉन्टेंट भेजा जा सकेगा।

5जी नेटवर्क 4G के विकल्प की तरह नहीं आएगा बल्कि यह एक अलग तरह के डिजिटल जीवन को जन्म देगा। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रेजिडेंट और हेड नेटवर्क बिजनेस यंगकी किम ने कहा कि भारत भर में लाखों नए सेल्स का डेप्लॉयमेंट एलटीए अडवांस्ड प्रो और 5G के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

रिलायंस जियो के अधिकारियों ने कहा कि एलटीई में सुधार की बहुत गुजांइश और स्कोप है, लेकिन जहां तक आगे बढ़ने की बात है तो हम 5G को अडॉप्ट और लागू करने के लिए तैयार हैं।