जियो ने एड में छापी पीएम मोदी की फोटो, लग सकता है महज 500 रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली(3 दिसंबर): टीवी और प्रिंट विज्ञापनों में बिना इजाजत के पीएम मोदी की तस्वीर इस्तेमाल किए जाने के मामले में रिलायंस जियो महज 500 रुपये का जुर्माना देकर बच जाएगा। राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों और नामों के गलत इस्तेमाल को लेकर बने 1950 के कानून के तहत इस मामले में इतना ही जुर्माना लगाया जा सकेगा। 

- बता दें कि रिलायंस जियो के विज्ञापन में पीएम की तस्वीर छापे जाने का राजनीतिक दलों ने जमकर विरोध किया था। किसी निजी कंपनी के विज्ञापन में बिना अनुमति के प्रधानमंत्री की तस्वीर छापे जाने को राजनीतिक दलों ने असंवैधानिक बताते हुए विरोध जताया था। 

- विज्ञापनों में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ने एक लिखित जवाब में लोकसभा में बताया, 'इस बारे में पीएम मोदी के ऑफिस की ओर से कोई अनुमति जारी नहीं की गई।' इस पूरे मामले में रिलायंस जियो ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज शेखर के सवाल के जवाब में राठौड़ ने कहा कि सरकार को इस बात की जानकारी थी कि रिलायंस जियो ने पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल अपने विज्ञापन में किया है। 

- संसद में विपक्षी नेताओं के सवालों के जवाब में राठौड़ ने कहा कि कंज्यूमर अफेयर्स, फूड ऐंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन मिनिस्ट्री की ओर से राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों और नामों के गलत इस्तेमाल के मामलों की निगरानी की जाती है। 

- मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि कंपनियों द्वारा पीएम मोदी के तस्वीर के गलत इस्तेमाल को लेकर विभाग को अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। एक अधिकारी ने कहा कि यदि विज्ञापन में किसी भी तरह से कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो जरूरी कदम उठाएंगे।

- ऐक्ट के सेक्शन-3 के मुताबिक कोई भी व्यक्ति अपने व्यापारिक या कारोबारी उद्देश्य के लिए राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों और नामों का केंद्र सरकार या सक्षम अधिकारी से अनुमति लिए बिना इस्तेमाल नहीं कर सकता। इस ऐक्ट के तहत करीब तीन दर्जन नामों और चिह्नों की सूची तैयार की गई है, जिनका कोई व्यक्ति सरकारी अनुमति के बिना अपने कारोबारी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता। इनमें देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्य के गवर्नर, भारत सरकार या कोई प्रदेश सरकार, महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, संयुक्त राष्ट्र संघ, अशोक चक्र और धर्म चक्र शामिल हैं।