500 के पुराने नोटों से रिचार्ज पर जियो ने उठाए सवाल

नई दिल्ली(6 दिसंबर): रिलायंस जियो इंफोकॉम और देश की दूसरी टेलिकॉम कंपनियों के बीच एक और इशू पर मतभेद सामने आए हैं। जियो का मानना है कि 500 रुपये के रद्द किए गए नोटों से 15 दिसंबर तक प्री-पेड यूजर्स को टॉप-अप खरीदने की इजाजत देने संबंधी निर्णय का रिटेल लेवल पर दुरुपयोग हो सकता है। इसके ​जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का भी खतरा है।

- हालांकि, जियो की इस राय को सीओएआई यानी सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ज्यादातर सदस्यों ने खारिज किया है। 

- सीओएआई के फोरम पर ही जियो ने यह आशंका जताई थी। सीओएआई के मेंबर्स में जियो के अलावा भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर शामिल हैं।

- सीओएआई के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज ने कहा कि सरकार ने 'जनहित और उपभोक्ताओं के हित में' यह निर्णय किया था। उन्होंने कहा कि टेलिकॉम ऑपरेटर्स ने ऐसे टॉप-अप्स के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग न होने देने के लिए 'कई कदम उठाए हैं।'

- हालांकि, एनालिस्ट्स और इंडस्ट्री के कुछ लोगों का कहना है कि जियो की चिंता वाजिब हो सकती है। उन्होंने कहा कि लॉन्ड्रिंग के अलावा एक पहलू यह भी है कि शॉर्ट टर्म में इस कदम का जियो पर नेगेटिव प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि कस्टमर्स उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से लंबे समय तक जुड़े रह सकते हैं।