रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा सात फीसदी बढ़ा, जियो की आय में 44 फीसदी का इजाफा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(19 जुलाई): देश के शीर्ष उद्योगपति मुकेश अंबानी की स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों को जारी कर दिया है। नतीजों के हिसाब से कंपनी का मुनाफा सात फीसदी बढ़ गया है। वहीं आय में 21.25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। गौरतलब है कि कंपनी तेल से लेकर के टेलीकॉम के कारोबार से जुड़ी हुई है।

कंपनी को पहली तिमाही में 10,104 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड मुनाफा हुआ है वहीं इस अवधि में कंपनी की आय 1.61 लाख करोड़ रुपये रही है। पिछले साल की पहली तिमाही में कंपनी को 9,459 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था, वहीं आय 1.33 लाख करोड़ रुपये थी।

पेट्रोकेमिकल से इबिटा 7,508 करोड़ रुपये रहा, जबकि रिफाइनिंग और रिटेल से इबिटा क्रमशः 4,508 करोड़ रुपये और 1,777 करोड़ रुपये रहा।"हमारे पहली तिमाही के नतीजे काफी शानदार रहे। खासतौर पर रिटेल और डिजिटल सेवाओं में कंपनी को शानदार ग्रोथ देखने को मिली है। रिलायंस रिटेल की आय और मुनाफे में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली है। वहीं टेलीकॉम कंपनी जियो ने पूरे देश के मोबाइल बाजार को बदलकर रख दिया है।"

वहीं रिलायंस जियो की आय में साल दर साल के आधार पर 44 फीसदी और तिमाही आधार पर 5.20 फीसदी का इजाफा देखने को मिला। जियो की आय 11,679 करोड़ रुपये रही। वहीं कंपनी की इबिटडा मार्जिन साल दर साल आधार पर 130 बीपीएस बढ़कर 40.10 फीसदी हो गई।पहली तिमाही में जियो के ग्राहकों ने 1090 करोड़ जीबी का डाटा खर्च कर दिया। इस हिसाब से प्रत्येक ग्राहक ने हर महीने 11.4 जीबी का डाटा प्रयोग किया। वहीं 821 मिनट प्रति माह वॉयस सर्विस पर खर्च किए। इस हिसाब से पूरी तिमाही में कुल 78,597 करोड़ मिनट की बातचीत ग्राहकोंं ने की है। इस दौरान हर महीने 1.1 करोड़ नए ग्राहकों को जोड़ा है। वहीं कंपनी के टावर बिजनेस में ब्रुकफील्ड और सहयोगी कंपनियां 25,215 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इस दौरान प्रति ग्राहक से होने वाली औसत आय 122 रुपये प्रति महीने दर्ज की गई।

कंपनी की रिफाइनिंग और मार्केटिंग से आय में 6.4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। यहां से कुल 1,01,721 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि इबिट 15.2 फीसदी घटकर 4,508 करोड़ रुपये रह गया। पेट्रोकेमिकल्स से होने वाली आय 6.6 फीसदी घटकर 37, 611 रुपये रह गई। वहीं तेल और गैस से होने वाली कमाई 35.5 फीसदी घटकर केवल 923 करोड़ रुपये रह गई।