रिलायंस ने एयरसेल से मिलाया हाथ, बनेगी देश की तीसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी

मुंबई (14 सितंबर): रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और एयरसेल के मर्जर को आरकॉम बोर्ड ने मंजूरी दे दी। आंकड़ों के मुताबिक इस मर्जर के साथ सब्सक्राइबर बेस देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी सामने आएगी।

इस प्रकार बनने वाली नई कंपनी को नया नाम दिए जाने की संभावना है। नई कंपनी पर लगभग 28 हजार करोड़ रुपए का कर्ज होगा। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरकॉम बोर्ड ने एयरसेल के साथ मर्जर को मंजूरी दी।

बनेगी देश की तीसरी बड़ी टेलिकॉम कंपनी - इस मर्जर के साथ 18-19 करोड़ सब्सक्राइबर बेस वाली कंपनी सामने आएगी। - इंडस्ट्री फिगर्स के मुताबिक आरकॉम के 11 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं और एयरसेल के लगभग 8.9 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। यह भारत की तीसरी बड़ी टेलिकॉम कंपनी होगी। - भारती एयरटेल के सब्सक्राइबर्स की संख्या 25.1 करोड़, वोडाफोन के 19.8 करोड़ और आइडिया सेल्युलर के 17.5 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं।

बनेगी 35 हजार करोड़ नेटवर्थ वाली कंपनी - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरकॉम और एयरसेल के मर्जर से बनने वाले ज्वाइंट वेंचर से 35 हजार करोड़ रुपए की नेटवर्थ वाली कंपनी तैयार होगी और उस पर 28 हजार करोड़ रुपए का कर्ज होगा। इस प्रकार इक्विटीज 7,800 करोड़ रुपए होगी। - दोनों कंपनियां नई एंटिटी में 14 हजार करोड़ (हरेक) का कर्ज डालेंगी। साथ ही आरकॉम और एयरसेल के मैनेजमेंट के पास बराबर स्टेक होगी।

नई कंपनी को मिलेगा नया नाम - रिलायंस कम्युनिकेशन 850 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के लिए लगभग 5,384 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। - इस मर्जर से बनने वाली कंपनी को नया नाम दिए जाने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मर्जर की पूरी प्रक्रिया में लगभग 6 महीने का वक्त लग सकता है।