शरणार्थियों को लेकर EU में खींचतान, हंगरी के PM बोले- 'ये जहर है हम नहीं निगलेंगे'

नई दिल्ली (28 जुलाई): हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने यूरोप में आने वाले शरणार्थियों और दूसरे प्रवासियों को "ज़हर" करार दिया है। जिसे उनका देश कभी नहीं "निगलेगा।"

- ब्रिटिश अखबार 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 18,000 प्रवासी हंगरी में आए हैं। - बुडापेस्ट में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑर्बन ऑस्ट्रियन चांसल क्रिस्चियन कर्न के साथ मौजूद थे।  - ऑर्बन ने कहा, "हंगरी को इकॉनॉमी चलाने या अपनी पॉपुलेशन बढ़ाने के लिए एक भी माइग्रेंट की जरूरत नहीं है। या फिर देश के भविष्य के लिए" - उन्होंने कहा, "इसलिए कॉमन यूरोपियन माइग्रेशन पॉलिसी की भी कोई जरूरत नहीं है। जिस किसी को भी प्रवासियों की जरूरत हो, वो उन्हें रख ले। लेकिन उन्हें हमारे ऊपर मत फोर्स करें। हमें उनकी जरूरत नहीं।" - ऑर्बन ने कहा, "हमारे लिए माइग्रेशन समाधान नहीं बल्कि एक समस्या है। ये दवा नहीं ज़हर है। हमें इसकी जरूरत नहीं, हम इसे नहीं निगलेंगे।" - रिपोर्ट के मुताबिक, ऑर्बन ने यूरोपियन यूनियन की उस योजना का मजबूती के साथ विरोध किया है। जिसमें 28 देशों के ब्लॉक में प्रवासियों को बांटने के लिए कोटा सिस्टम निर्धारित किया गया है। - हंगरी 2 अक्टूबर को ईयू माइग्रेशन रिलोकेशन स्कीम पर जनमत संग्रह कराएगा।